Sahara Group Owner Subrat Roy Death: सहारा प्रमुख सुब्रत राय का निधन,अब क्या होगा आगे:

Sahara Chief Subrat Roy Death

Sahara Group Owner Subrat Roy Death: सहारा प्रमुख सुब्रत राय का निधन,अब क्या होगा आगे:

दोस्तोें एक ऐसा वक्त था जब सहारा ग्रुप के पास लंदन से न्यूयार्क तक होटल्स थे, खुद की एयरलाइन्स थी। आइपीएल (IPL) से लेकर फार्मूला वन की टीम थी। अच्छा खासा कान्स्ट्रक्शन कारोबार था, म्यूचुअल फन्ड (Mutual Fund) के साथ साथ जीवन बीमा और कई शहरों में अरबों की प्रापर्टी। पुणे में सबसे लग्जरी एम्बीवली टाउनशिप थी जिसमें एक से बढ़कर एक नामी लोगों का आशियाना था।

आपकी जानकारी के लिये बता दें कि सहारा के खुद के कई सारे न्यूज चैनल थे, खुद का अखबार था और इसके साथ साथ सहारा वन मोशन पिक्चर्स के नाम से फिल्में बनाने वाली उनकी खुद की कम्पनी भी थी और इन सब में देश भर में सहारा के लिये काम करने वाले हजारों कर्मचारी थे] लेकिन जब 14 नवम्बर 2023 को सहारा ग्रुप के मालिक सुब्रत राय के निधन की खबर आयी तो अब सहारा समूह की स्थिति पहले से काफी अलग है। सहारा ग्रुप अपनी कई सम्पत्तियों को बेंच चुका है। अब सुब्रत राय की मौत के बाद उनकी विरासत को लेकर चर्चा का माहौल गरम है क्योंकि उन्होंने किसी को भी अपना उत्तराधिकारी नहीं चुना था।
लेकिन इन सब से कहीं ज्यादा देशभर में सहारा के लाखों निवेशकों को ये चिन्ता सता रही है कि सहारा समूह में फंसे उनके पैसे का अब क्या होगा, कहीं ये पैसा डूब तो नहीं जायेगा। इन्हीं सब सवालों के जवाब विस्तार से आपको इस पोस्ट में मिलने वाले हैं।

Sahara Group Owner Subrat Roy Death: कौन थे सुब्रत रायः

सुब्रत राय का जन्म 10 जून 1948 को बिहार के अररिया में हुआ, उन्होंने तकनीकि डिप्लोमा किया था, शुरूआत में सुब्रत राय अपने स्कूटर पर गोरखपुर में नमकीन और स्नैक्स बेंचा करते थे। इसके बाद 1978 में इन्होंने एक चिटफण्ड कम्पनी बनायी जिसके माध्यम से ये मार्केट में उतर गये। इसके माध्यम से निवेशकों का पैसा दुगुना या तिगुना करने जैसी स्कीमों के चलते कई सारे छोटे बड़े निवेशक इनके साथ आ गये और फिर इन्होंने सहारा की शुरूआत की। राय ने रिक्शा वालों, फेरी वालों और छोटे व्यापारियों सहित लगभग 3 करोड़ लोगों से उधार लिये गये पैसे पर अपना कारोबार खड़ा किया था।

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Sahara Group Owner Subrat Roy Death: सुब्रत राय का कारोबारी साम्राज्य:

सहारा श्री सुब्रत राय का कारोबारी साम्राज्य एयरलाइन्स से लेकर प्रापर्टी, रियल स्टेट, मीडिया, फिल्म, मनोरंजन और हेल्थ केयर बिजनेस तक फैला हुआ था। जब सहारा समूह अपने चरम पर था उस समय सहारा के पास काम करने वाले लगभग 12 लाख कर्मचारी थे और लगभग 5000 छोटे बड़े संस्थान थे। एक अनुमान के मुताबिक सहारा का कारोबारी साम्राज्य डेढ़ लाख करोड़ रूपये के आस पास का था। आपको जानकार यह हैरानी होगी कि भारतीय रेलवे के बाद भारत में इस समूह को सबसे बड़ा नौकरी देने वाला संस्थान कहा जाता था। ऐसे समय में सहारा श्री सुब्रत राय का जलवा इस कदर था कि बड़े से बड़े नेता और फिल्मी सितारे अक्सर इनके साथ नजर आते थे। लेकिन आपको बता दें कि सहारा जितनी तेजी से इस मुकाम पर पहुँचा था, उस से दुगुनी तेजी से अर्श से फर्श पर आ गया।

Sahara Group Owner Subrat Roy Death: किस गलती के चलते सहारा का विराट साम्राज्य ढ़ह गयाः

एक समय में सहारा ग्रुप का कारोबार लगभग डेढ़ लाख करोड़ रूपये का था, लेकिन ऐसी कौन सी गलती हुयी जिसकी वजह से ये पूरा साम्राज्य बिखर गया। अब आप इसको गलती मानें या गलत कारोबार ये आप पर निर्भर करता है। दरअसल सुब्रत राय को 2014 में शेयर मार्केट की रेग्युलेटरी कम्पनी सेबी के साथ एक विवाद में कोर्ट मे पेश ना होने पर सुप्रीम कोर्ट ने जेल भेज दिया था। शेयर मार्केट की रेग्युलेटरी कम्पनी सेबी ने बताया कि सहारा ने छोटे जमाकर्ताओं से गलत तरीके से 20 हजार करोड़ रूपये जुटाये हैं जिसे वापस किया जाना चाहिये, जबकि सहारा ग्रुप का तर्क था कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है। इस मामले में सुब्रत राय को 2 साल बाद जमानत तो मिल गयी लेकिन इसके बाद भी वो कोर्ट कचहरी का चक्कर काटते नजर आते रहे।

Sahara Group Owner Subrat Roy Death: एक आईपीओ (IPO) जिसने सहारा साम्राज्य को घ्वस्त कर दियाः

सुब्रत राय ने अपनी कम्पनी को शेयर मार्केट में सूचीबद्व कराने की योजना बनाई, ताकि बड़े पैमाने पर लोगों से पैसा इकट्ठा करके अपने कारोबार को और बढ़ाया जा सके। ये बात 30 सितम्बर 2009 की है जब सहारा ग्रुप की एक कम्पनी सहारा प्राइम सिटी ने अपने आईपीओ (IPO) को शेयर मार्केट में लिस्टिंग के लिये सेबी के पास एक ड्राफ्ट प्रास्पेक्ट्स (DRHP) Draft Red Herring Prospectus भेजा, ये एक तरह का डाक्यूमेंट होता है जिसमें उस कंपनी और उसके कारोबार के बारे में सारी जानकारी दर्ज होती है। इसमें यह भी बताया जाता है कि कम्पनी का जुटाया गया फण्ड कहाँ से आया है और आगे भी कम्पनी के काम काज करने का स्वरूप क्या होगा। ये दस्तावेज सेबी के साथ साथ कम्पनी रजिस्ट्रार और स्टाक एक्सचेंज के पास भी जाता है। जब सेबी ने इस दस्तावेज को बारीकी से परखा तों इसमें सेबी को कई गड़बड़ियाँ देखने को मिलीं। इसी बीच सेबी को 25 दिसम्बर 2009 और 04 जनवरी 2010 को निवेशकों के जरिये दो शिकायतें मिलीं और इसमें यह बताया गया कि सहारा की कम्पनियाँ गलत तरीके से पैसा जुटा रही हैं। इसके बाद सेबी ने इन दोनों कम्पनियों की जाँच की तो यह पाया गया कि सहारा इंडिया रियल इस्टेट काॅपरेशन लिमिटेड और सहारा हाउसिंग इन्वेस्टमेंट काॅपरेशन लिमिटेड ने OFCD के माध्यम से करीब ढ़ाई करोड़ निवेशकों से 24 हजार करोड़ रूपये जुटाये हैं जो कि सेबी के नियमों के मुताबिक गलत था। सेबी ने बताया कि सहारा की इन दोनो कम्पनियों ने ?OFCD के माध्यम से पैसा जुटाने के पहले सेबी की तरफ से ना तो कोई जानकारी दी और ना ही कोई अनुमति ली। साथ ही सेबी ने इन दोनो कम्पनियों को कहा कि तत्काल प्रभाव से निवेशकों से पैसा जुटाना बंद करने के साथ साथ 15 प्रतिशत ब्याज के साथ निवेशकों का पैसा वापस करने की प्रक्रिया शुरू करें। लेकिन सहारा ने इस फैसले को ना मानते हुये सेबी के आदेश के खिलाफ प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण Securities Appellate Tribunal (SAT) में अपील दर्ज की। लेकिन यहाँ न्यायालय की तरफ से भी सेबी के आदेश को सही ठहराते हुये सहारा की दोनो कम्पनियों को लगभग 3 करोड़ निवेशकों के पैसे लौटाने को कहा। इस पर सहारा समूह ने 2012 में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, इस पर भी सर्वाेच्च न्यायालय ने सहारा को 15 प्रतिशत ब्याज समेत निवेशकों के 24 हजार करोड़ रूपये 3 महीने में सेबी में जमा कराने का आदेश दिया लेकिन सहारा 3 महीने में निवेशकों के पैसे लौटाने में नाकाम रहा।

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Sahara Group Owner Subrat Roy Death: जब सहारा ने सेबी को भेजे 128 ट्रकः

जब सेबी ने सहारा को सभी निवेशकों की पूरी जानकारी देने को कहा जिससे कि निवेशकों को उनका पैसा सीधे उन तक पहुँचाया जा सके। इस पर सहारा ने कुल 128 ट्रक भरकर निवेशकों के दस्तावेज सेबी के मुंबई के कार्यालय में भेज दिया। इन ट्रकों में कुल 31000 बाॅक्स थे जिनमें कागजात भरे हुये थे। लेकिन जब सेबी नें इन कागजों की जाँच की तो पता चला कि इन कागजों में भी निवेशकों की पूरी जानकारी नहीं है। इसके बाद फिर सेबी ने सहारा पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया लेकिन 28 फरवरी 2014 को सहारा के मुखिया सुब्रत राय जेल भेज दिये गये और सहारा समूह की कई सम्पत्त्यिों और बैंक अकाउन्ट्स को फ्रीज कर दिया गया। इस मामले में 2 साल बाद सुब्रत राय को जमानत मिल गई लेकिन तब से लेकर उनके निधन तक वो कानूनी झगड़े में फँसे रहे।

Sahara Group Owner Subrat Roy Death: सहारा समूह की कुल सम्पत्तिः

साल 2015 में फोर्ब्स के मुताबिक सहारा समूह की कुल सम्पत्ति लगभग 83 हजार करोड़ रूपये थी लेकिन सहारा की आफिशियल वेबसाइट के मुताबिक सहारा प्रमुख के पास कुल 2 लाख साठ हजार करोड़ रूपये की निजी सम्पत्ति थी। उनके पास पूरे देश भर में लगभग 30 हजार 970 एकड़ जमीन है।

Sahara Group Owner Subrat Roy Death: पूरा परिवार विदेश में रहता हैः

मीडिया रिपोटर्स के मुताबिक सहारा प्रमुख सुब्रत राय का पूरा परिवार विदेश में रहता है। उनकी पत्नी और दोनो बेटे सीमान्तु राय और सुशान्तु राय मेसेडोनिया में रहते हैं उनके पास उस देश की भी नागरिकता है। सुब्रत राय के अंतिम संस्कार में उनकी पत्नी स्वपना राय अपने पोते के साथ भारत आई थी।

Sahara Group Owner Subrat Roy Death: अब सुब्रत राय के कारोबार का क्या होगा

ऐसा माना जा रहा है कि सुब्रत राय के निधन के बाद उनका कारोबार उनके बेटे सम्भालेंगे, लेकिन सहारा प्रमुख ने इसका कोई भी उत्तराधिकारी नहीं चुना है। सुब्रत राय के परिवार में और भी लोग हैं जो भारत में रहकर अपना बिजनेस करते हैं तो ऐसे में यह कहना मुश्किल होगा कि सुब्रत राय के कारोबार को अब आग कौन लेकर जायेगा।

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