Russia Moon Mission Luna-25 Crashed: रूस का चंद्र मिशन लूना-25 फेलः चन्द्रमा से टकराया।

Russia Moon Mission Luna-25 Crashed

Russia Moon Mission Luna-25 Crashed: रूस का चंद्र मिशन लूना-25 फेलः चन्द्रमा से टकराया।

जर्मनी के DW न्यूज ने रूस की स्पेस एजेंसी रोस्कोस्मोस के हवाले से खबर दी है कि रूस का चंद्र मिशन लूना-25 चंद्रमा की सतह से टकराकर फेल हो गया है, जिसको 21 अगस्त 2023 को चाँद पर उतरना था। रूस ने इस मिशन को 47 साल के बाद लांच किया था। जिसमें भारत से भी मदद मांगी गयी थी लेकिन बात ना बन पाने की वजह से रूस ने अकेले ही इस मिशन को लांच किया था।

Russia Moon Mission Luna-25 Crashed: अंतरिक्ष यान लूना-25 में हुयी थी तकनीकी खराबी

आपको यह बता दें कि रूस के चंद्र मिशन लूना-25 को 11 अगस्त 2023 को लांच किया गया था और इसको चाँद की सतह पर 21 अगस्त 2023 को पहुँचना था लेकिन बीच में ही एक आर्बिट से दूसरे आर्बिट से छलांग लगाते समय लूना-25 में तकनीकी खराबी आने के कारण 19 अगस्त 2023 को दुर्घटनाग्रस्त हो गया है और इस के दूसरी तरफ भारत का चंद्रयान मिशन (चंद्रयान-3) अपनी कछुये की रफ्तार से चंद्रमा की सतह की ओर सुरक्षित बढ़ रहा है एवं चंद्रमा के बेहद करीब पहुँच चुका है। चद्रयान-3 का स्वास्थ्य स्थिर बना हुआ है और यह अंतरिक्ष यान 23 अगस्त 2023 को चंद्रमा की सतह पर सफलतापूर्वक उतरने की स्थिति में है।

Russia Moon Mission Luna-25 Crashed

Russia Moon Mission Luna-25 Crashed: 47 सालों के बाद रूस ने अपना मून मिशन लॉन्च किया

रूसी स्पेस एजेंसी रोस्कोस्मोस ने अपने मून मिशन लूना-25 को लांच करने से पहले सन् 1976 में लूना-24 लॉन्च किया था और अब इस मिशन के फेल हो जाने के बाद रूस को बहुत बड़ा झटका लगा है। सोवियत संघ अंतरिक्ष यात्री यूरी गागरिन 1961 में पहली बार स्पेस की यात्रा करने वाले अंतरिक्ष यात्री बने थे जब रूस ने अपना पहला सैटेलाइट स्पुतनिक-1 सन् 1957 में लॉन्च किया था। लेकिन अब 2023 में स्थिति कुछ और ही बयां कर रही है। हालाकि अभी तक पूरी तरह से यह साफ नहीं हो पाया है कि असल में रूसी मिशन के साथ क्या हुआ।

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Russia Moon Mission Luna-25 Crashed: चंद्रयान-3 प्री-लैंडिंग ऑर्बिट को सफलतापूर्वक पार करते हुये आगे निकला

10 अगस्त 2023 को भारत के चंद्रयान-3 की लॉन्चिंग के एक महीने के बाद रूस का चंद्र मिशन लूना-25 लॉन्च किया गया था और इसको भारतीय चंद्र मिशन से दो दिन पहले यानी 21 अगस्त 2023 को चांद के साउथ पोल (दक्षिणी ध्रुव) पर उतरने का लक्ष्य दिया गया था। लूना-25 को जिस प्री-लैंडिंग ऑर्बिट (चांद के करीब वाले आर्बिट) में भेजने की कोशिश हो रही थी और वह दुर्घटनाग्रस्त हो गया । भारत का चंद्रयान-3 इसी प्री-लैंडिंग ऑर्बिट को सफलतापूर्वक पार करते हुये आगे निकल गया है।

Russia Moon Mission Luna-25 Crashed: रूस के मून मिशन को लेकर अभी भी संशय की स्थितिः

रूस के मून मिशन को लेकर अभी भी संशय की स्थिति बनी हुयी है। अंतरिक्ष यान लूना-25 को 21 अगस्त 2023 को चांद की सतह पर उतरना था। लेकिन अभी भी रूसी स्पेस एजेंसी ने यह साफ नहीं किया है कि तय शेड्यूल के मुताबिक ही लैंडिंग हो सकती है। या ये घटना लैंडिंग में बाधा बनेगी।

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Amrit Bharat Railway Station Scheme 2023: अमृत भारत रेलवे स्टेशन योजना 2023ः

Amrit Bharat Railway Station Scheme 2023

Amrit Bharat Railway Station Scheme 2023: अमृत भारत रेलवे स्टेशन योजना 2023ः

भारतीय रेलवे बोर्ड के द्वारा अमृत भारत स्टेशन योजना 2023 के तहत देशभर के 1000 से भी ज्यादा महत्वपूर्ण छोटे रेलवे स्टेशनों का कायाकल्प किया जायेगा। देशभर के लगभग 1000 छोटे रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण करने के साथ ही इस योजना के माध्यम से एक दीर्घकालिक दृष्टिकोण को रखते हुये रेलवे स्टेशनों के विकास की परिकल्पना की गयी है। इस मास्टर प्लान के अन्तर्गत रेल मंत्रालय के द्वारा और भी अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं पर कार्य किया जाना निर्धारित किया गया है।

Amrit Bharat Railway Station Scheme 2023: स्टेशनों पर उत्तम व्यवस्था:

प्रतिदिन भारतीय रेलवे स्टेशनों से होकर बहुत सारी ट्रेनें गुजरती है। जिनमें लाखों लोग सफर करते हैं। इसलिये रेल मंत्रालय ने भारतीय रेल में सफर करने वाले यात्रियों को दी जाने वाली सुविधाओं को और बेहतर बनाने के लिए 1000 से भी अधिक स्टेशनों के आधुनिकीकरण करने के लिए अमृत भारत स्टेशन योजना का शुभारंभ किया है।

Katak Amrit Bharat Railway Station Scheme 2023

Amrit Bharat Railway Station Scheme 2023: उस शहर की कला और संस्कृति की जानकारी प्राप्त होगी

6 अगस्त 2023 को प्रधानमंत्री के द्वारा लांच की गयी अमृत भारत स्टेशन योजना 2023 के तहत देश के सभी 68 मंडलों के रेलवे स्टेशनों का विकास किया जाएगा एवं योजना के अंतर्गत नवीनीकरण कार्य को कम से कम 2 साल के अंदर ही पूरा किया जाना सुनिश्चित किया गया है। स्टेशनों के नवीनीकरण होने से नागरिकों को बेहतर स्टेशन की सुविधा का लाभ मिलेगा। इसके अलावा यात्रियों को जिस भी स्टेशन पर ठहरना होगा। वहाँ से ही यात्रियों को उस शहर की कला और संस्कृति की जानकारी प्राप्त होगी। । Amrit Bharat Railway Station Scheme 2023 के तहत रेलवे स्टेशन के रोड को चौड़ा किया जाएगा एवं यात्रियों के चलने के लिए पैदल मार्ग बनाए जाएंगे।

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Amrit Bharat Railway Station Scheme 2023:अमृत भारत स्टेशन योजना 2023 के बारे में अक्सर पूँछे जाने वाले प्रश्नः

(Amrit Bharat Station Scheme 2023 FAQs)

प्रश्नः प्रधानमंत्री के द्वारा रेलवे स्टेशनों के विकास के लिये लांच की गयी योजना का नाम क्या है?
उत्तरः अमृत भारत स्टेशन योजना 2023 (Amrit Bharat Railway Station Scheme 2023)

प्रश्नःअमृत भारत स्टेशन योजना 2023 किसके द्वारा आरंभ की गई?
उत्तरः भारतीय रेलवे बोर्ड के द्वारा

प्रश्नः अमृत भारत स्टेशन योजना 2023 के तहत लाभार्थी कौन होेंगे?
उत्तरः रेलवे में सफर करने वाले सभी नागरिक

प्रश्नः अमृत भारत स्टेशन योजना 2023 का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तरः छोटे रेलवे स्टेशनों का नवीनीकरण और उनका आधुनिकरण करना

Amrit Bharat Railway Station Scheme 2023 के अंतर्गत महिलाओं और दिव्यांगों के लिए विशेष सुविधा:

इस योजना के माध्यम से महिला और दिव्यांगजनों को विशेष सुविधाएं प्रदान करने के लिए सरकार द्वारा सभी श्रेणियों के स्टेशनों पर पर्याप्त संख्या में शौचालय का निर्माण किये जाने का प्रावधान किया है।

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Chandrayan-3 News Latest Update: समय से 5 दिन पहले ही चंद्रयान-3 का लैंडर पहुँच गया चाँद परः

Chandrayan-3 News Latest Update

Chandrayan-3 News Latest Update: समय से 5 दिन पहले ही चंद्रयान-3 का लैंडर पहुँच गया चाँद परः

भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो के द्वारा भेजा गया चंद्रयान-3, चंद्रमा पर पहुँचने ही वाला है। इसी बीच एक बड़ी खबर आ रही है कि इस अंतरिक्ष यान में लगे लैंडर ने चंद्रमा के बेहद करीब से उसकी सतह की फोटो ली है जिसमें बहुत ही कम रोशनी के साथ बड़े बड़े गड्ढ़े साफ देखे जा सकते हैं।

Chandrayan-3 News Latest Update:वीडीयो नीचे है।
Chandrayan-3 News Latest Update
https://twitter.com/isro
Chandrayan-3 News Latest Update: लैंडर ने भेजी वीडियोः

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने ट्वीट करके यह जानकारी दी कि चंद्रयान-3 से लैंडर सफलतापूर्वक अलग होकर अपना काम कर रहा है। आपको बता दें कि इसरो के द्वारा भेजे गये इस अंतरिक्ष यान में एक प्रोपल्शन माड्यूल, एक लैंडर और एक रोवर (प्रज्ञान) है। जिसमें से मुख्यतः रोवर को चाँद पर उतरना है। इसी कड़ी में लैंडर, चंद्रयान-3 से सफलतापूर्वक अलग होकर रोवर को लेकर चाँद के बेहद करीब पहुँच चुका है और वहाँ से कुछ फोटो और वीडियो भेजी है। वीडियों में आप साफ देख सकते हैं।

 

 

Chandrayan-3 News Latest Update: चंद्रयान-3 ने आखिरी सीढ़ी को पार कियाः

अंतरिक्ष एजेंसी इसरो के मुताबिक चंद्रयान-3 आखिरी सीढ़ी को पार करके चंद्रमा की 153X163 किलोमीटर की कक्षा में पहुँच गया है। इसी के साथ अंतरिक्ष यान के चंद्रमा की सीमा में प्रवेश  कराने का चरण पूर्ण हो चुका है अब इसके बाद 23 अगस्त 2023 को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर इसके साफ्ट लैंडिंग का प्रयास किया जाना है।

Chandrayan-3 News Latest Update:23 अगस्त 2023 को होगी साफ्ट लैंडिगः

मिशन चंद्रयान-3 में लैंडर माड्यूल का स्वास्थ्य सामान्य बना हुआ है। विक्रम लैंडर, प्रोपल्शन माड्यूल से सफलतापूर्वक अलग होने के बाद चाँद की कक्षा में अकेले ही चक्कर लगा रहा है। अब इसके बाद एक आखिरी चरण की प्रक्रिया के तहत 20 अगस्त को डीबूस्टिंग करके लैंडर को चंद्रमा की निचली सतह में लाया जायेगा और फिर वो वहाँ से चांद की सतह पर उतरने के लिये आगे बढ़ेगा। 23 अगस्त 2023 को तय समय के अनुसार 5 बजकर 47 मिनट पर चंद्रयान-3 चंदमा की सतह पर उतरेगा।

Source: https://twitter.com/isro

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Section 144: धारा 144 के बारे मेंः

Section 144: धारा 144 के बारे मेंः

Section 144: धारा 144 के बारे मेंः

CRPC (Criminal Procedure Code) 1973, Section-144 (धारा 144) के तहत किसी भी राज्य या केन्द्रशासित प्रदेश के मजिस्ट्रेट को यह अधिकार मिलता है कि वह किसी भी विषम परिस्थिति में एक सुनियोजित क्षेत्र में चार या उससे अधिक लोगों के एकत्रित/गुट बना के चलने पर पर रोक लगा सकता है। आम तौर पर यह धारा किसी भी जगह पर हिंसा की स्थिति से निपटने के लिये तात्कालिक प्रभाव से जिले के मजिस्ट्रेट को लागू करने का अधिकार प्रदान करती है।

Section 144: धारा 144 के बारे मेंः धारा 144 के लागू होने के नियमः

धारा 144 के लागू होने की दशा में क्षेत्र के अधिकारियों को यह अधिकार मिल जाता है कि वह उस क्षेत्र में इंटरनेट की पहुँच को अवरूद्व या बन्द करने का आदेश निर्गत कर सकते हैं। इसके साथ ही आम जन मानस के आवागमन पर प्रतिबंध लग जायेगा एवं सभी सरकारी अथवा गैर-सरकारी शैक्षणिक संस्थान एक निश्चित अवधि के लिये बंद हो जायेंगे।
जिस विशिष्ट क्षेत्र में यह धारा लागू की जाती है वहाँ पर हथियारों के आदान प्रदान एवं लेन-देन पर भी पूरी तरह से पाबंदी लगा दी जाती है। ऐसा करते हुये पकड़े जाने पर सजा का भी प्रावधान है। धारा 144 लागू होने पर किसी भी तरह की रैली एवं जनसभा आयोजित किये जाने पर प्रतिबंध लग जाता है। इस धारा को लागू करने का मुख्य उद्देश्य उस विशिष्ट क्षेत्र में शान्ति व्यवस्था बनाये रखना है।

Section 144: धारा 144 के बारे मेंः धारा 144 के लागू करने की समयावधिः

आम तौर पर धारा 144 लागू होने की दशा में अधिकतम 02 माह तक पाबंदी लगायी जा सकती है। परन्तु विषम परिस्थितियों में राज्य सरकार के द्वारा यह अवधि अग्रिम 01 से 02 माह तक के लिये बढ़ाई जा सकती है।
किसी भी परिस्थिति में धारा 144 के लागू करने की अवधि 06 माह से अधिक नहीं हो सकती है।

Section 144: धारा 144 के बारे मेंः कर्फ़्यू और धारा 144 में अंतरः

धारा 144 के लागू होने का मतलब किसी विशिष्ट क्षेत्र में चार या उस से अधिक व्यक्तियों के एकत्रित होने पर रोक लग जाती है। परन्तु कर्फ़्यू लगने की स्थिति में उस विशिष्ट अवधि में लोगों को घर से बाहर निकलने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया जाता है। किसी भी विशिष्ट क्षेत्र में कर्फ़्यू लगने पर उस क्षेत्र के सभी स्कूल, विद्यालय, महाविद्यालय, दफ्तर, बाजार आदि पूर्णतः बंद हो जाते हैं। केवल आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति एक विशिष्ट आदेश के तहत की जा सकती है। किसी भी क्षेत्र में कर्फ़्यू तभी लगाया जाता है जब वहाँ की कानून एवं व्यवस्था की हालत बहुत ही खराब हो जाती है। ऐसी स्थिति में लोगों को एक खास समयावधि तक के लिये घर के अन्दर रहने का निर्देश दिया जाता है।

किसी भी सुरक्षा संबंधी खतरे या दंगे की आशंका के चलते, उस विशिष्ट क्षेत्र में शान्ति कायम करने हेतु धारा 144 का लगायी जाती है। ऐसे समय में गैर कानूनी तरीके से इकट्ठा होने वाले व्यक्तियों के खिलाफ, दंगा भड़काने के मामले में केस दर्ज किया जा सकता है और दंडात्मक कार्यवाही करते हुये अधिकतम 03 साल तक कैद की सजा भी हो सकती है।

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GI (Geographical Indication) Tag 2023: क्या होता है जी आई टैग, कैसे मिलता है

GI (Geographical Indication) Tag 2023:

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GI (Geographical Indication) Tag 2023: भौगोलिक संकेत या जीआई टैग (Geographical Indications):

भौगोलिक संकेत या जीआई (Geographical Indications) Tag किसी भी ऐसे उत्पाद को दिया जाने वाला एक संकेत है जो किसी विशिष्ट भौगोलिक स्थान पर उत्पन्न होता है। भारत में भौगोलिक संकेतक (पंजीकरण और संरक्षण) अधिनियम, 1999 (Geographical Indications of Goods (Registration and Protection) Act, 1999) के अनुसार जीआई टैग दिए जाते हैं।
साधारण शब्दों में कहें तो इस तरह के उत्पाद में मूल स्थान, जहाँ से वह उत्पन्न हो रहा है, की प्रतिष्ठा और गुण होने चाहिए।

जीआई टैग, अपने कुछ अद्वितीय गुणों के कारण अन्तर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर बड़े पैमाने पर प्रतिष्ठा हासिल करने वाले आमतौर पर ग्रामीण, सीमांत और स्वदेशी समुदायों द्वारा पीढ़ियों से उत्पादित उत्पादों पर पंजीकृत होते हैं।

GI (Geographical Indication) Tag 2023: वस्तुओं का भौगोलिक संकेत (पंजीकरण और संरक्षण) अधिनियम, 1999
भारत में यह अधिनियम, भौगोलिक संकेतों की सुरक्षा के लिए संसद द्वारा पारित एक विशिष्ट अधिनियम है। भारत ने विश्व व्यापार संगठन (WTO) (World Trade Organization) के एक सदस्य के रूप में बौद्धिक संपदा अधिकारों के व्यापार संबंधित पहलुओं पर समझौते का अनुपालन करने के तहत यह अधिनियम पारित किया था।

वर्ष 2004-05 में भारत का पहला जीआई टैग उत्पाद दार्जिलिंग की चाय बनी थी और साल 2020 तक इस सूची में 370 उत्पाद जोड़े जा चुके थे।

GI (Geographical Indication) Tag 2023: भौगोलिक संकेतक अधिनियम, 1999ः

भौगोलिक संकेत (पंजीकरण और संरक्षण) अधिनियम, 1999 की धारा 2(1)(ई) के अनुसार, भौगोलिक संकेत एक ऐसे सामान की पहचान के रूप में इंगित करता है, जो किसी देश के विशेष क्षेत्र में उत्पन्न या निर्मित होती हैं या उस क्षेत्र या इलाके में इन वस्तुओं की दी गई गुणवत्ता एवं विशेषता अनिवार्य रूप से इसके भौगोलिक उत्पत्ति के कारण होती है।

GI (Geographical Indication) Tag 2023:  भौगोलिक संकेतों में कुछ प्रमुख पंजीकृत कुछ उत्पाद के नामः

कृषि क्षेत्र में: दार्जिलिंग चाय, बैंगलोर ब्लू अंगूर, मालाबार काली मिर्च।
निर्मित सामानों में:  पोचमपल्ली इकत, कांचीपुरम रेशम साड़ी, सोलापुरी चादर, बाग प्रिंट और मधुबनी पेंटिंग।

जीआई टैग का उपयोग निम्न प्रकार के उत्पादों पर किया जाता है।

हस्तशिल्प जैसे मधुबनी पेंटिंग, मैसूर सिल्क आदि
खाद्य पदार्थ जैसे तिरुपति लड्डू, रसगुल्ला आदि।
कृषि उत्पाद जैसे बासमती चावल आदि।

GI (Geographical Indication) Tag 2023: जीआई टैग के पंजीकरण की प्रक्रिया:

संबंधित वस्तुओं के उत्पादकों का प्रतिनिधित्व करने वाले व्यक्तियों या किसी भी संघ के द्वारा भौगोलिक संकेतक के रजिस्ट्रार के समक्ष जीआई टैग के पंजीकरण हेतु आवेदन करना होता है।

आवेदन में विशेष रूप से उस उत्पाद के भौगोलिक वातावरण, निर्माण की प्रक्रिया, प्राकृतिक और मानवीय कारकों, उत्पादन के क्षेत्र के मानचित्र के साथ, इसके निर्माताओं की सूची, निर्धारित शुल्क आदि का विवरण भी होना चाहिए। आवेदन की प्रारंभिक जांच में कुछ त्रुटि या कमी होने की स्थिति में आवेदक को एक महीने की अवधि के अंदर इसका समाधान करना होता है। रजिस्ट्रार किसी भी आवेदन को निर्धारित मानकों पर स्वीकार, आंशिक रूप से स्वीकार या अस्वीकार कर सकता है। दिए गए आवेदन को अस्वीकार करने की स्थिति में रजिस्ट्रार द्वारा अस्वीकृति हेतु एक लिखित आधार दिया जाएगा।

GI (Geographical Indication) Tag 2023: भौगोलिक संकेतक:

आवेदन के अस्वीकार होने की स्थिति में आवेदक को दो माह के अंदर अपना जवाब दाखिल करना होता है। अगर पंजीकरण के लिए पुनः अस्वीकृत किया जाता है तो आवेदक इस तरह के फैसले में एक महीने के भीतर अपील कर सकता है।
आवेदन के स्वीकृति होने की स्थिति में तीन महीने के अंदर रजिस्ट्रार, जीआई जर्नल में आवेदन को विज्ञापित कर सकता है। इसके बाद अगर दिये गये आवेदन का किसी के भी द्वारा विरोध नहीं किया जाता है, तो रजिस्ट्रार आवेदक और अधिकृत उपयोगकर्ताओं को पंजीकरण का प्रमाण पत्र प्रदान कर देता है।

GI (Geographical Indication) Tag 2023: भौगोलिक संकेतक: 

जीआई टैग के पंजीकरण शुरू होने के पहले वर्ष में दार्जिलिंग चाय के अलावा, अरनमुला कन्नाडी (केरल की एक हस्तकला), पोचमपल्ली इकत (तेलंगाना की एक हस्तकला) को भी यह संकेत प्रदान किया गया था। वर्ष 2020 तक भारत में पंजीकृत 361 जीआई उत्पादों में से 15 उत्पाद 9 विभिन्न देशों, इटली, फ्रांस, यूके, यूएसए, आयरलैंड, मैक्सिको थाईलैंड, पेरू, पुर्तगाल से संबंध रखते हैं।

GI(Geographical Indication)Tag 2023: भौगोलिक संकेत, अलग-अलग राज्यों के उत्पाद:

कुछ उत्पाद ऐसे हैं जिनकी उत्पत्ति विभिन्न राज्यों से हुई है, ऐसे में मूल का उल्लेख भारत के रूप में किया जाएगा। जैसे फुलकारी हस्तशिल्प की उत्पत्ति पंजाब, हरियाणा, राजस्थान से हुई है। वार्ली पेंटिंग की उत्पत्ति महाराष्ट्र, गुजरात, दमन और दीव से हुई है। मालाबार रोबस्टा कॉफी केरल और कर्नाटक से हुई है।

इनमें से कर्नाटक राज्य से सबसे अधिक उत्पाद जीआई टैग पंजीकृत हैं। तमिलनाडु दूसरा सबसे अधिक जीआई टैग पंजीकृत उत्पादों वाला राज्य है। जबकि महाराष्ट्र , देश में तीसरा सबसे अधिक जीआई पंजीकृत उत्पादों वाला राज्य हैं।

GI (Geographical Indication) Tag 2023: FAQs भौगोलिक संकेत (GI) के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न:

प्रश्न: भारत में जीआई टैग कौन जारी करता है ?
उत्तर: भौगोलिक संकेतक (पंजीकरण और संरक्षण) अधिनियम, 1999 के अनुसार यह टैग भौगोलिक संकेतक रजिस्ट्री द्वारा उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग, वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के तहत जारी किया जाता है। वर्ष 2003 में जीआई टैग देने की शुरुआत हुई थी एवं साल 2004 में सबसे पहले पश्चिम बंगाल की दार्जलिंग चाय को जीआई टैग दिया गया था

प्रश्न: जीआई टैग मिलने के क्या फायदे होते है ?
उत्तर: जीआई टैग मिलने से उत्पादों को कानूनी संरक्षण मिलता है या साधारण शब्दों में कहें तो उपलब्ध बाजार में उसी नाम का दूसरा प्रोडक्ट नहीं लाया जा सकता है। किसी भी उत्पाद को जीआई टैग का मिलना उस उत्पाद की अच्छी गुणवत्ता को भी दर्शाता है एवं इसी गुणवत्ता के चलते उस उत्पाद को एक बेहतरीन बाजार भी उपलब्ध हो जाता है।

प्रश्न: कितने समय के लिये मिलता है जी आई टैग ?
उत्तर: जीआई टैग के पंजीकरण का प्रमाण पत्र मात्र 10 वर्ष की अवधि के लिए मिलता है। इसके बाद इसका नवीनीकरण करा सकते हैं। जीआई टैग मिलने से नकली उत्पाद को रोकने में मदद मिलती है तथा उस उत्पाद का मूल्य और उससे जुड़े लोगों की अहमियत बढ़ जाती है।

GI (Geographical Indication) Tag 2023: भौगोलिक संकेतक:

इस समय भारत में 300 से भी अधिक उत्पादों को जीआई टैग मिल चुका है। इनमें कश्मीर का केसर और पश्मीना शॉल, नागपुर के संतरे, बंगाली रसगुल्ले, अलीबाग का सफेद प्याज, भागलपुर का जर्दालु आम, महोबा का पान, बनारसी साड़ी, तिरुपति के लड्डू, रतलाम की सेव, बीकानेरी भुजिया आदि शामिल हैं।

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Chandrayan-3 Latest Update: चन्द्रमा की परिधि में चंद्रयान-3 का सफलतापूर्वक प्रवेश

Chandrayan-3 Latest Update:

Chandrayan-3 Latest Update: चन्द्रमा की परिधि में चंद्रयान-3 का सफलतापूर्वक प्रवेश

चंद्रयान-3 अपने सफर का लगभग दो-तिहाई फासला तय करके चंद्रमा की परिधि (Lunar Orbit) में पहुंच चुका है। इसकी जानकारी भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने ट्वीट करके दी। जिसमें यह बताया गया है कि चंद्रयान-3 ने दो तिहाई दूरी पूरी कर ली है और अब यह पृथ्वी के प्राकृतिक उपग्रह अर्थात चन्द्रमा के चक्कर लगाना शुरू करेगा। अर्थात चंद्रयान-3, चन्द्रमा की गोलाकार कक्षा में 06 अगस्त 2023 की शाम को पहुँच चुका है।

च्ंद्रयान-3 मिशन को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने 14 जुलाई 2023 को लांच किया था और अब यह मिशन अपने बहुत ही महत्वपूर्ण फेज में पहुँच चुका है क्योंकि यह अंतरिक्ष यान अब चंद्रमा के बहुत करीब पहुँच चुका है। इसरो के टेलीमेट्री, ट्रैकिंग और कमांड नेटवर्क ने अंतरिक्ष यान से लूनार आर्बिट का सफलतापूर्वक निष्कासन करके चंद्रमा की कक्षा में पहुँचा दिया है।

Chandrayan-3 Latest Update:  किस काम आयेगा यह अंतरिक्ष यान (चंद्रयान-3)

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के द्वारा 14 जुलाई 2023 को चंद्रयान-3 अंतरिक्ष यान को लांच किया गया। जिसने सर्वप्रथम अपनी धरती की 5 परिक्रमा पूरी की और उसके बाद पृथ्वी के आर्बिट से बाहर की परिक्रमा शुरू की और इसी क्रम में यह 16 अगस्त तक चंद्र के आर्बिट में रहकर चंद्रमा के चक्कर लगायेगा और फिर 17 अगस्त के बाद से यह चंद्रमा की सतह की ओर बढ़ना प्रारंभ करेगा और अंत में अंतरिक्ष बैज्ञानिकों के मुताबिक 23 अगस्त 2023 को चंद्रमा की सतह पर लैंड करेगा।
इस दौरान चंद्रयान-3 में बहुत सारे बदलाव देखने को मिलेंगे और यही बदलाव आगे चलकर हमारे देश के बहुत कााम आयेंगे। आइये समझते हैं कि चंद्रयान-3 की पूरी यात्रा में क्या क्या बदलाव होंगे। आपको बता दें कि चंद्रयान-3 में लैंडर, रोवर और प्रोपल्शन माड्यूल लगे हुये है जो कि 16 अगस्त 2023 तक चंद्रमा की परिधि में रहकर चंद्रमा के चक्कर लगायेंगे इसके बाद जब यह अंतरिक्ष यान चंद्रमा की सतह की ओर बढ़ेगा तब इसमें से इसका प्रोपल्शन माड्यूल अलग हो जायेगा और पहले की भांति ही चंद्रमा की परिधि में घूमता रहेगा और वहां से पृथ्वी से फैलने वाली विकिरण/रेडियेशन की जानकारी एकत्र करेगा।

Chandrayan-3 Latest Update:

अब चंद्रयान में सिर्फ लैडर और रोवर बचे हैं, जो चंद्रमा की सतह तक जायेंगे जिसमें से लैंडर चंद्रमा की सतह पर उतरेगा और रोवर उसमें से अलग होकर वहांँ की सतह पर घूमकर बहुत सारी अहम जानकारी एकत्रित करेगा। इसमें लैडर और रोवर को जो नाम इसके पिछले मिशन चंद्रयान-2 में दिया गया था वही नाम इस बार भी है। भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक माने जाने वाले डाॅ0 विक्रम ए. साराभाई के नाम पर लैंडर को विक्रम नाम दिया गया है।

Chandrayan-3 Latest Update:  इसरो के मिशन चंद्रयान-3 में लगे लैंडर के बारे में अहम जानकारीः

जैसा कि आप सभी को पता ही होगा कि चंद्रयान-2 मिशन में लैंडर के सही ढ़ंग से चंद्रमा की सतह पर ना उतर पाने की वजह से उसका धरती से संपर्क टूट गया था और वह मिशन अपने आखिरी समय में पहुँचकर भी विफल हो गया था। इसलिये इस समय सभी भारतवासियों के साथ साथ अंतरिक्ष बैज्ञानिको की उम्मीदें एक बार फिर से लैंडर के सही तरीके से चंद्रमा की सतह पर उतरने को लेकर लगी हुयी हैं लैंडर की सही तरीके से लैंडिंग को सुनिश्चित करने के लिये कई सेंसर लगाये गये हैं जिसको पृथ्वी से नियंत्रित किया जा सकता है और लैडर खुद भी इन सेंसर की मदद से अपनी सुरक्षा कर सकता है। इस बार विक्रम लैंडर का वजन रोवर सहित कुल 1749 किलोग्राम है इसमें लगे सोलर पैनल की मदद से 738 वाट की पावर उत्पन्न हो सकती है। ये मिशन चंद्रमा के एक दिन के बराबर काम करेगा। चंद्रमा के एक दिन की तुलना अगर पृथ्वी से करें तो ये 14 दिनों के बराबर होता है।

Chandrayan-3 Latest Update:  अन्तर्राष्ट्रीय मंच पर भारत का दबदबा

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के द्वारा लांच किया गया चंद्रयान-3, चांद की सतह पर सुरक्षित और सॉफ्ट लैंडिंग के लिए देश की क्षमताओं को प्रदर्शित करेगा। इसके बाद चीन अमेरिका और रूस के बाद भारत चैथा देश बन जायेगा। चन्द्रयान-3 को पृथ्वी से लांचिंग के बाद चंद्रमा की कक्षा तक पहुंचने में लगभग 33 दिन का समय निर्धारित किया गया है और चंद्रमा की सतह पर उतरने के बाद यह अंतरिक्ष यान लगभग 14 दिनों तक अपना काम करेगा जो कि चंद्रमा के एक दिन के बराबर होगा।

Chandrayan-3 Latest Update:  23 अगस्त को पूरा होगा चंद्रयान-3 मिशन

च्ंद्रयान-3 मिशन को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने 14 जुलाई 2023 को लांच किया था। 5 अगस्त 2023 को इसरो के द्वारा यह जानकारी दी गयी कि अंतरिक्ष यान को सफलतापूर्वक चंद्रमा की कक्षा में स्थापित कर दिया गया है और यह प्रयास उस समय किया गया जब चंद्रयान-3 चंद्रमा के सबसे करीब था, इसरो के अंतरिक्ष बैज्ञानिकों के मुताबिक चंद्रयान-3 (Chandrayan-3), 23 अगस्त 2023 को चंद्रमा की सतह पर साॅफ्ट लैंडिंग करेगा।

Source: Amar Ujala

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Sahara Money Refund Portal Launch 2023: सहारा में डूबा हुआ पैसा पाने के लिये सरकार की तरफ से रिफण्ड पोर्टल शुरू

Sahara Money Refund Portal Launch 2023:Sahara Money Refund Portal Launch 2023: सहारा में डूबा हुआ पैसा पाने के लिये सरकार की तरफ से रिफण्ड पोर्टल शुरू

केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 19 जुलाई 2023 को सीआरसीएस.सहारा रिफंड (CRCS-Sahara Refund Portal) पोर्टल को लॉन्च किया इसके माध्यम से सहारा समूह की चार सहकारी समितियों 1. सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड, 2. सहारायन यूनिवर्सल मल्टीपर्पज सोसाइटी लिमिटेड, 3. हमारा इंडिया क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड और 4. स्टार्स मल्टीपर्पज कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड में निवेशकों के डूबे हुये पैसे मिलने का रास्ता साफ हो गया है। अब निवेशक आनलाइन माध्यम से सीआरसीएस.सहारा रिफंड (CRCS-Sahara Refund Portal) पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करके अपना पैसा प्राप्त कर सकते हैं, इसके लिये निवेशकों को किसी भी सरकारी दफ्तर के चक्कर लगाने की भी जरूरत नहीं है।

Sahara Money Refund Portal Launch 2023: कितने दिनों में मिलेगा पैसा

सहारा के रिफंड पोर्टल के माध्यम से केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने प्रथम चरण में सहारा के 112 निवेशकों के खाते में 10,000 रुपये ट्रांसफर किये एवं यह भी बताया कि 18 लाख निवेशक इस पोर्टल पर अब तक अपना रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं।

पोर्टल की लॉन्चिंग के समय केंद्रीय गृह मंत्री ने यह बताया कि ये पहला मौका है जब जमाकर्ताओं के ऐसे मामले में उनके पैसे वापस किए जा रहे हैं। रिफण्ड पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करने के 45 दिनों में उन्हें उनका पैसा रिफंड मिल जाएगा। रिफण्ड किये जाने के पहले फेज में एक करोड़ से ज्यादा डिपॉजिटर्स के क्लेम का सेटलमेंट किया जाएगा तथा निवेशकों के जमा किये हुये 5,000 करोड़ रुपये वापस किए जायेंगे।

Sahara Money Refund Portal Launch 2023: अक्सर पूँछे जाने वाले प्रश्न

सहारा में डूबा हुआ पैसा पाने के लिये सरकार की तरफ से शुरू किये गये रिफण्ड पोर्टल के बारे में कुछ अक्सर पूँछे जाने वाले प्रश्न नीचे दिये गये हैं । इन प्रश्नों को ध्यान से पढ़ लें , इनसे आपको अपना पैसा प्राप्त करने में बहुत मदद मिलेगी।

प्रश्नः सीआरसीएस सहारा रिफंड पोर्टल (CRCS-Sahara Refund Portal) का वेब पोर्टल का क्या पता (Website) है जिसके माध्यम से निवेशक, रजिस्ट्रेशन करके अपना पैसा प्राप्त कर सकते हैं?

उत्तरः https://www.mocrefund.crcs.gov.in.

प्रश्नः सीआरसीएस सहारा रिफंड पोर्टल (Sahara Money Refund Portal Launch 2023:) के माध्यम से रिफंड का दावा करने के लिए पात्रता मानदंड (Eligibility Criteria) क्या हैं?

उत्तरः सहारा समूह की सहकारी समितियों में 10,000 या उससे अधिक रुपये तक का जमा करने वाले निवेशक अपने पहले भुगतान का दावा करने के पात्र हैं। पहले भुगतान के तहत पोर्टल के माध्यम से 10,000 रूपये प्राप्त कर सकते हैं।

प्रश्नः सहारा रिफंड पोर्टल के माध्यम से रिफंड प्राप्त करने में कितना समय लगता है?

उत्तरः पोर्टल पर दावा प्रस्तुत करने के 45 दिनों के भीतर पैसा दावेदार (निवेशक) के बैंक खाते में जमा कर दिया जाएगा।

Sahara Money Refund Portal Launch 2023: FAQs

प्रश्नः क्या सीआरसीएस सहारा रिफंड पोर्टल (CRCS-Sahara Refund Portal) पर आवेदन करने के लिए कोई दस्तावेज आवश्यक हैं?

उत्तरः हां, जमाकर्ताओं को सहारा खाता संख्या, मोबाइल नंबर (आधार से जुड़ा हुआ), सदस्यता संख्या और जमा प्रमाणपत्र/पासबुक जैसे दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे। 

प्रश्नः क्या जमाकर्ता अपने धनवापसी अनुरोध की स्थिति को ट्रैक कर सकते हैं?

उत्तरः हां, जमाकर्ता पोर्टल के माध्यम से अपने रिफंड अनुरोध की स्थिति को ट्रैक कर सकते हैं और एसएमएस/सन्देश के माध्यम से अपडेट प्राप्त कर सकते हैं। 

प्रश्नः सहारा रिफंड पोर्टल (Sahara Refund Portal) की शुरुआत किसने की?

उत्तरः केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह द्वारा यह पोर्टल 18 जुलाई, 2023 को लांच किया गया ।

Sahara Money Refund Portal Launch 2023: सीआरसीएस सहारा रिफंड पोर्टल के लिये आवश्यक दस्तावेजः

सीआरसीएस सहारा मनी रिफंड पोर्टल पर आवेदन करने के लिए आवश्यक दस्तावेज:

1. जमा खाता संख्या (Deposit Account Number)
2. आधार से जुड़ा हुआ मोबाइल नंबर (अनिवार्य) (Aadhar Linked Mobile Number)
3. सदस्यता संख्या (Membership Number)
4. जमा प्रमाणपत्र/पासबुक (Deposit Passbook)
5. पैन कार्ड (Pan Card) (यदि दावा राशि 50,000 रुपये से अधिक है)

सहारा रिफंड पोर्टल जमाकर्ताओं को बिना किसी अनावश्यक परेशानी के अपनी मेहनत की कमाई वापस पाने का अधिकार देता है। इसलिए, यदि आपने भी सहारा समूह की सहकारी समितियों में 10,000 रूपये या उससे उपर का जमा किया हो तो अब और इंतजार न करें। सरकार के सहारा रिफंड पोर्टल पर जाएं, पंजीकरण करें और अपने रिफंड के लिए आज ही आवेदन करें। 

सहारा रिफंड पोर्टल के बारे में और अधिक जानकारी के लिये आप कमेंट बाक्स में अपना सवाल पूँछ सकते हैं।

Sahara Money Refund Portal Launch 2023:

Source: https://mocrefund.crcs.gov.in./

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Rakshabandhan 2023 Date & Time: रक्षाबंधन 2023 के बारे में सारी जानकारी

Rakshabandhan 2023

Rakshabandhan 2023 Date & Time: रक्षाबंधन 2023 के बारे में सारी जानकारी

इस साल 2023 में अगस्त में सावन के साथ-साथ अधिक मास का संयोग बना हुआ है। इस साल सावन पूरे दो महीने का है। जो 4जुलाई से शुरू होकर 31 अगस्त तक चलेगा। इस वर्ष सावन के दो महीने तक चलने का मुख्य कारण यह है कि इस साल अधिकमास भी लगा हुआ है। आपको यह भी बता दें कि सावन के साथ वाले अधिकमास में भगवान शिव के साथ भगवान विष्णु की भी पूजा करना बहुत ही फलदायी सिद्व होता है।

Rakshabandhan 2023 Date & Time: व्रत एवं त्यौहारः

अगस्त का महीना व्रत एवं त्यौहार में बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है और इस बार तो अगस्त माह की शुरूआत अधिकमास की पूर्णिमा के साथ हुयी है।

1 अगस्त 2023 अधिकमास पूर्णिमा व्रत, मंगला गौरी व्रत
2 अगस्त 2023 पंचक शुरू
7 अगस्त 2023 सावन सोमवार
8 अगस्त 2023 मंगला गौरी व्रत, कालाष्टमी
12 अगस्त 2023  पुरुषोत्तम एकादशी
14 अगस्त 2023 अधिकमास मासिक शिवरात्रि, सावन सोमवार
15 अगस्त 2023 मंगला गौरी व्रत
19 अगस्त 2023 हरियाली तीज
21 अगस्त 2023 नाग पंचमी
30 अगस्त 2023 रक्षाबंधन Rakshabandhan
31 अगस्त 2023 सावन पूर्णिमा व्रत

Rakshabandhan 2023 Date & Time: रक्षाबंधन 2023 के बारे में सारी जानकारी

रक्षाबंधन (Rakshabandhan)  एक प्राचीन हिंदू त्योहार है। हिंदू पंचांग के अनुसार हर साल सावन के महीने में पूर्णिमा तिथि पर रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाता है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई में रक्षासूत्र बांधकर उनकी लंबी आयु की कामना करती हैं। वहीं भाई रक्षा धागे को बंधवा कर अपनी बहन को उम्र भर रक्षा करने का वचन देते हैं। लेकिन इस वर्ष रक्षाबंधन का पर्व दो दिन मनाया जायेगा।

Rakshabandhan 2023 Date & Time:  शुभ मुहूर्त

रक्षाबंधन के दिन भद्रा की वजह से राखी बांधने का शुभ मुहूर्त 30 अगस्त की रात्रि 9 बजकर 5 मिनट से लेकर 31 अगस्त की सुबह 7 बजकर 5 मिनट तक रहेगा।

Rakshabandhan 2023 Date & Time:  रक्षाबंधन का पौराणिक महत्वः

रक्षा बंधन की उत्पत्ति का पता प्राचीन काल से लगाया जा सकता है। इस त्योहार का संदर्भ 326 ईसा पूर्व की सिकंदर महान से संबंधित किंवदंतियों में पाया जा सकता है।

हिंदू धर्मग्रंथों में भी रक्षा बंधन के कई वृत्तांत हैं:

ऐसी ही एक कहानी में इंद्र की पत्नी शची ने शक्तिशाली राक्षस राजा बाली के खिलाफ लड़ाई के दौरान इंद्र की रक्षा के लिए उनकी कलाई पर एक धागा बांधा था। यह कहानी बताती है कि प्राचीन भारत में संभवतः पवित्र धागों का उपयोग किया जाता था, जो युद्ध में जाने वाले पुरुषों को सुरक्षा प्रदान करते थे, और केवल भाई.बहन के रिश्ते तक ही सीमित नहीं थे।

भागवत पुराण और विष्णु पुराण की एक अन्य कथा में बताया गया है कि कैसे राजा बलि ने यज्ञ द्वारा तीनों लोकों पर विजय प्राप्त कर ली, इस पर इन्द्र द्वारा भगवान विष्णु से प्रार्थना किये जाने पर भगवान विष्णु ने वामन का रूप धारण करके राजा बलि से भिक्षा मांगी, इस पर गुरू के बार बार मना करने के बावजूद भी राजा बलि ने वामन को तीन पग भूमि दान में दे दी थी और इसके बाद भगवान विष्णु ने उस तीन पग भूमि में तीनो लोक को नापकर इन्द्र को सौंप दिया और राजा बलि के पास कुछ भी नहीं बचा। इस पर राजा बलि ने विष्णु से अपने महल में रहने का अनुरोध किया। विष्णु की पत्नी अर्थात देवी लक्ष्मी, इस व्यवस्था को अस्वीकार करती हैं और राजा बलि को राखी बांधती हैं, जिससे वह उनका भाई बन जाता है। इस भाव से प्रभावित होकर, राजा बलि ने उनकी इच्छा पूरी की, और देवी लक्ष्मी ने भगवान विष्णु से घर लौटने के लिए कहा।

अगस्त माह में नागपंचमी का त्यौहारः

सावन में शुक्ल पक्ष में पड़ने वाली पंचमी तिथि को हर साल नागपंचती का त्यौहार बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है। इस वर्ष नागपंचमी का त्यौहार 21 अगस्त को मनाया जायेगा। भगवान शिव के साथ साथ इस दिन नाग देवता की भी पूजा ही जाती है एवं नाग देवता को दूध भी पिलाने की मान्यता है।

यहां पर उपलब्ध करायी गयी सभी सूचनाएं सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है, यहां यह बताना जरूरी है कि nayaujalanews.com किसी भी तरह की मान्यता या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।

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ISRO PSLV-C56: सिंगापुर के 7 सैटेलाइट को लेकर अंतरिक्ष में भरी उड़ान।

ISRO PSLV-C56:

ISRO PSLV-C56: सिंगापुर के 7 सैटेलाइट को लेकर अंतरिक्ष में भरी उड़ान।

भारत की अंतरिक्ष एजेंसी ISRO (Indian Space Research Organization) के द्वारा चंद्रयान-3 (Chandrayaan 3) की सफल लॉन्चिंग के बाद फिर से अंतरिक्ष में एक बड़ी उड़ान भरी है। श्रीहरिकोटा में स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र आंध्र प्रदेश से इसरो न अपनेे रॉकेट ISRO PSLV-C56 को लॉन्च किया। इसने सिंगापुर के सात विदेशी सैटेलाइट को अंतरिक्ष में स्थापित करने के लिये लॉन्च पैड से रविवार सुबह 06:30 बजे उड़ान भरी।

रविवार, 30 जुलाई को इसरो के 90वें अंतरिक्ष मिशन से तीन दिन पहले। पीएसएलवी-सी56 रविवार को सुबह 6:30 बजे फर्स्ट लॉन्च पैड, सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, श्रीहरिकोटा, आंध्र प्रदेश से सिंगापुर के सात उपग्रहों को अंतरिक्ष में लॉन्च करने के लिये निकला।

ISRO PSLV-C56:अन्तर्राष्ट्रीय सहयोग में मजबूत स्थिति:

इसरो के द्वारा अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में अन्तर्राष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने के साथ साथ ISRO PSLV-C56 मिशन भारत की अंतरिक्ष तकनीकि की शक्ति को भी दर्शाता है DS-SAR नाम का सिंगापुर का उपग्रह इसरो के ISRO PSLV-C56 का मुख्य उपग्रह था जिसको 535 किलोमीटर ऊचाई वाली निकट भूमध्यरेखीय कक्षा (NEO) में स्थापित किया गया।

ISRO PSLV-C56: मुख्य उपग्रह DS-SAR का कुल वजन 360 kg

मुख्य उपग्रह DS-SAR का कुल वजन 360 kg है । इसमें सिंथेटिक अपर्चर रडार लगा है जिसको इजरायल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज द्वारा बनाया गया है। इससे अंतरिक्ष से धरती की तस्वीरें ली जाएंगी। यह हर तरह के मौसम में दिन.रात काम करता है। इसे एसटी इंजीनियरिंग और सिंगापुर की रक्षा विज्ञान और प्रौद्योगिकी एजेंसी ने मिलकर बनाया है।

ISRO PSLV-C56: PSLV ने भरी 56वीं उड़ान

इसरो के रॉकेट PSLV (Polar Satellite Launch Vehicle) की यह उड़ान कुल मिलाकर 56वीं उड़ान है। इस रॉकेट के ऊपरी चरण को उसके छोटे कक्षीय जीवन को सुनिश्चित करने के लिए सभी उपग्रहों को इंजेक्ट करने के बाद निचली कक्षा में स्थापित किया जाएगा।
इसरो के अनुसार, पीएसएलवी-सी56 को श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (एसडीएससीद्) में पहले लॉन्च पैड (एफएलपी) से लॉन्च किया गया था। यह इसरो का सबसे भरोसेमंद रॉकेट है। रविवार को इसरो की कंपनी न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड (NSIL) के साथ अनुबंध के तहत इसरो द्वारा 431वां विदेशी उपग्रह अंतरिक्ष में पहुंचाया गया है। NSIL इसरो के लिये विदेशी उपग्रहों के अंतरिक्ष में भेजने का काम देखती है। अभी हाल ही में दो सप्ताह पहले चंद्रयान-3 को इसरो ने अंतरिक्ष में भेजा था।

DS-SAR से ली गई तस्वीरों का इस्तेमाल सिंगापुर सरकार तेल और गैस की खोज, कृषि क्षेत्र की निगरानी और बुनियादी ढांचे के मूल्यांकन को तय करने में कर सकती है। DS-SAR के साथ छह अन्य उपग्रह VELOX-AM,आर्केड, SCOOB-II, NuLIoN, गैलासिया-2 और ORB-12 STRIDER हैं। एक बार तैनात और चालू होने के बादए इसका उपयोग सिंगापुर सरकार के भीतर विभिन्न एजेंसियों की उपग्रह आवश्यकताओं को पूरा किया जा सकेगा।

Source Twitter

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नमस्कार दोस्तों, आज हम एक ऐसे संक्रामक के बारे में बात करने वाले हैं जो इन दिनो में बड़ा सामान्य है और लगभग सभी लोगों ने इसके बारे में सुना भी होगा और इसको महसूस भी किया होगा क्योंकि आज हम बात करने वाले है आई फ्लू (EYE FLU) के बारे में। आई फ्लू (EYE FLU) बहुत तेजी से बढ़ रहा है और कई सारे जगहों पर इसके बढ़नें की वजह से स्कूल और कालेज बंद भी किये जा रहे हैं। आई फ्लू के क्या कारण है आई फ्लू (EYE FLU) अगर हमें हो जाता है तो हम कैसे समझ पायेंगे कि आई फ्लू हमें हुआ है या अगर हमें हो भी जाता है तो इसके लिये क्या उपचार हैं क्या रोकथाम है वो सारी चीजें हम यहाँ पर आपको समझाने की कोशिश करेंगे।

Eye Flu Virus Latest Update 2023: आई फ्लू क्या होता हैः

सबसे पहली बात हम यह समझते है कि आई फ्लू क्या होता है तो आई फ्लू एक नेत्र संक्रामक (conjunctivitis) है। यह एलर्जी, बैक्टीरिया या वायरस से हो सकता है। दूसरी भाषा में, अगर हम किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आते है तो भी हमको आई फ्लू (EYE FLU) हो सकता है अगर हमने उसकी ऐसी किसी भी चीज का इस्तेमाल किया है जिसका इस्तेमाल उसने पहले किया हुआ है। यानि अगर हम किसी संक्रमित व्यक्ति की चीजों का इस्तेमाल हम करते है तो भी हमको आई फ्लू हो सकता है। तो अगर आप कहीं भी भीड़-भाड़ वाली जगह पर जा रहे हों जहाँ पर आई फ्लू हो सकता है तो घर से बाहर निकलने से पहले अपनी आँखों में काला चश्मा जरूर लगाकर निकलें और हमको ज्यादा से ज्यादा यही कोशिश करनी है कि हम अपनी आँखों को कम से कम छुयें।

Eye Flu Virus Latest Update 2023: अब हम बाात करते है कि अगर हमको आई फ्लू (EYE FLU) हो गया है तो हम इस बात को कैसे पहचानेंगे 

इस बात पर बडे़ ही ध्यान से अमल कीजियेगा क्योंकि ये बहुत ही काॅमन है अगर किसी को आई फ्लू (EYE FLU) हो जाता है, तो उसकी आँखे गुलाबी या लाल रंग की हो जाती हैं। यानि आँखों में लालपन आ जाता है इसके अलावा आपकी आँखों में सूजन भी आ सकती है, आँखों से पानी आ सकता है या आँखों से कुछ चिपचिपा पदार्थ निकलने के साथ खुजली भी हो सकती है। इसे हम सामान्य रूप से गाँव की भाषा में आँख आना भी बोल देते है। ऐसे समय में जब कभी हम सुबह उठते हैं तो हमारी आँखें आपस में चिपकी होती हैं जो आई फ्लू में भी चिपचिपे पदार्थ की वजह से ऐसा हो सकता है। इसके अलावा जब हम कहीं बाहर जाते हैं और अगर बाहर बहुत तेेज धूप है तो हमको बाहर निकलते समय हमारी आँखें असहज हो सकती हैं या फिर हमको धूप में देखने में परेशानी हो सकती है। ये सब आई फ्लू (EYE FLU) के लक्षण हो सकते हैं।

Eye Flu Virus Latest Update 2023: उपचार एवं रोकथामः

मान लीजिये अगर आपको आई फ्लू हो जाता है तो इसके क्या उपचार एवं रोकथाम हैं आइये इसके बारे में जानते है।

सबसे पहले अगर हम अपने आस पास सफाई रखेंगे जो हम बहुत हद तक इस संक्रामक से बच सकते है। दूसरी बात, हम जब भी आँखों को छुये तो अपने हाथों को जरूर धुलें या कोशिश करेें कि अपनी आँखों को कम से कम छुये। अगर हम किसी ऐसी जगह पर हों जहाँ पर बहुत गर्मी हो रही हो या हमको बार बार पसीना आ रहा हो तो ऐसे समय में इस बात का ध्यान रखें कि अपनी आँखों को ना छुयें क्योंकि अगर आपके हाथ में पसीना लगा है और वह आपकी आँखों के सम्पर्क में आता है तो आँखों में आई फ्लू संक्रामक का खतरा बढ़ जाता है।

इसके अलावा आई फ्लू से बचने का एक तरीका और भी है कि आप अपनी व्यक्तिगत चीजों का ही इस्तेमाल करें, किसी भी संक्रमित व्यक्ति या दूसरे व्यक्ति की चीजें जैसे कि तौलिया, रूमाल या बाकी अन्य चीजों का इस्तेमाल कभी भी ना करें। इससे भी हम आई फ्लू से बच सकते हैं।

Eye Flu Virus Latest Update 2023: आई फ्लू के उपचारः

आई फ्लू से बचने का सबसे पहला उपचार तो यही है कि आप अपनी आँखों की हल्की सी गरमाहट के साथ सेंकाई करें। इसके लिये हम थोड़ी सी रूई या काॅटन लेकर गुनगुने पानी में भिगोकर अपनी आँखों को सेंक सकते हैंै। इससे हमको काफी राहत मिलती है। इसके दूसरी तरफ अगर हम बात करें तो आई फ्लू 1 से 2 हफ्ते में स्वतः ही ठीक हो जाता है लेकिन अगर आपको आई फ्लू के कारण परेशानी ज्यादा ही बढ़ जाती है और आपको लगता है कि आपकी आँखों से बहुत ज्यादा ही गन्दगी निकल रही है या फिर आँखें खोलते या बंद करते समय हल्का सा दर्द महसूस हो रहा है या खुजली बहुत ज्यादा हो रही है तो आप जरूर ही किसी डाॅक्टर से सम्पर्क करें इसको अन्यथा में ना लें क्योंकि ये आपकी आँखों का मामला है इसके बारे में आपको सतर्कता बरतनी आवश्यक है। घरेलू उपचार के तहत हम केवल अपनी आँखोें को गुनगुने पानी से सेंक सकते हैं जिससे आपको बहुत ही आराम मिलेगा।

डिस्क्लेमरः  उपरोक्त लेख एक जानकारी मात्र है इसका इस्तेमाल किसी भी प्रकार के दवा या इलाज के विकल्प के रूप में नहीें किया जा सकता है। किसी भी समस्या के लिये हमेशा अपने डाक्टर से सलाह जरूर लें।

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Adhik Mas Sawan Somwar Vrat 2023: कब लगता है अधिक मास

अंग्रेजी कैलेंडर में तो हर साल 12 महीने होते हैं लेकिन हिन्दू पंचांग के अनुसार हर 3 साल में एक बार एक अतिरिक्त मास होता है जिसे अधिक मास या पुरुषोत्तम मास कहा जाता है। हिंदू पंचांग सूर्य और चंद्रमा वर्ष की गणना से चलता है। अधिक मास चंद्रमा साल का अतिरिक्त भाग है जो कि 32 माह 16 दिन और 8 घंटों के अंतर में बनता है। सूर्य और चंद्रमा वर्ष के बीच इस अंतर को पाटने या संतुलन बनाने के लिए अधिक मास लगता है।
Adhik Mas Sawan Somwar Vrat 2023 में गणना के अनुसार सूर्य वर्ष में 365 दिन होते हैं और चंद्रमा वर्ष में 354 दिन होते हैं । इस तरह में 1 साल में चंद्रमा और सूर्य वर्ष में 11 दिनों का अंतर होता है और 3 साल में अंतर 33 दिनों का हो जाता है। यही 33 दिन की सीमा में जुड़ जाता है जिसे अधिक मास का नाम दिया गया है।

Adhik Mas Sawan Somwar Vrat 2023: क्या है अधिक मास का पौराणिक आधार

अधिक मास से जुड़ी पौराणिक कथा के अनुसार एक बार राजा हिरणकश्यप ने कठोर तप से ब्रह्माजी को प्रसन किया और उनसे वरदान अमरत्व का मांगा लेकिन अमृता का वरदान निषेध है इसलिए ब्रह्माजी ने उसे कोई और वर मांगने को कहा तब हिरणकश्यप ने ब्रह्माजी से कहा कि आप ऐसा वरदान दीजिए जिसमें संसार का कोई नर पशु पक्षी देवता या असुर हमें मार ना सके और उसे वर्ष के सभी 12 महीने में भी मृत्यु प्राप्त ना हो उसकी मृत्यु ना दिन का समय हो ना रात का हो वह ना ही किसी अस्त्र से मरे ना किसी शस्त्र से मरे उसे ना घर में मारा जा सके और ना ही घर से बाहर। ब्रह्माजी ने उसे ऐसा ही वरदान दे दिया लेकिन इस वरदान के मिलते ही हिरणकश्यप स्वयं को अमर और भगवान समान मानने लगा तब भगवान विष्णु ने अधिक मास में नरसिंह अवतार धारण कर आधा पुरुष और आधे शेर के रूप में प्रकट हुए और शाम के समय देहरी के नीचे अपने नाखूनों से हिरण्यकश्यप का सीना चीरकर उसे मृत्यु के द्वार भेजकर उसके जीवन का अंत किये। इस से यह भी मान्यता है कि इस मास में कुकृत्य करने वाले को भगवान विष्णु अवश्य सजा देते हैं।

Adhik Mas Sawan Somwar Vrat 2023: अधिक मास कितने वर्ष के अंतराल पर आता है आइए जानते हैं:

हिंदू पंचांग एवं सनातन धर्म के अनुसार हर 3  साल में एक अतिरिक्त महीना जुड़ जाता है जिसे अधिक मास, मलमास या पुरुषोत्तम मास के रूप में जाना जाता है । सनातन धर्म एवं वैदिक काल रीति रिवाज से हम सब पुरुषोत्तम मास को मनाते चले आ रहे है इस साल सूर्य वर्ष  365 दिन और  6 घंटे का होता है वही चंद्रवर्ष 354 दिन का माना जाता है।

Adhik Mas Sawan Somwar Vrat 2023: कितने वर्ष पहले सावन में मलमास पड़ा था

मलमास या पुरुषोत्तम मास सावन के महीने में पिछले बार 19 साल पहले पड़ा था । सन 2004 ईस्वी में सावन 2 महीने का हुआ था । इसके बाद 2023 में सावन मास के महीने में मलमास पड़ा है। भगवान विष्णु अपने मुखारविंद से इस मलमास को अपने नाम से जोड़कर इस मास की महिमा बढ़ा दिये। भगवान विष्णु ने इसका महत्व और गुणगान करते यह भी बताया कि जो व्यक्ति पुरुषोत्तम मास में मेरा नाम जप तप, पूजा पाठ, ध्यान, यज्ञ, अनुष्ठान, ब्राह्मणों द्वारा कराता है या स्वयं करता है उसे अपेक्षाकृत 10 गुना फल की प्राप्ति होती है। ब्राह्मणों को दान पुण्य करना, गरीबों को दान देने, भोजन कराने से इसका भी 10 गुना लाभ प्राप्त होता है।

Adhik Mas Sawan Somwar Vrat 2023: अधिक मास में क्या करना चाहिए

अधिक मास में विभिन्न प्रकार के धार्मिक कार्य अनुष्ठान करना चाहिए जैसे उपवास रखना, धार्मिक ग्रंथों को पढ़ना, मंत्र का जाप एवं पाठ करना, प्रार्थना करने के साथ साथ अपने गुरु के द्वारा गुरुदीक्षा के समय दिया हुआ गुरुमंत्र को अधिक से अधिक जाप करना चाहिए और अपने गुरु को ध्यान लगाकर जप करना चाहिए । अपने घर में कुल देवी देवता को ध्यान लगाकर और अपने इष्ट देवी देवता की पूजा करनी चाहिए। सात्विक आहार मधुर वाणी एवं मौन धारण करना चाहिए। विभिन्न अवधि या पूरे दिन के व्रत उपवास अवश्य करना चाहिए। सभी सनातन धर्म के लोगों को अधिक मास के व्रत को करना चाहिए । ऐसा करने से आपके जीवन में सुख समृद्वि बनी रह सकती है। और आपका जीवन सुखमय बन सकता है।
बाबा भोले का विशेष रूप से बाबा का पवित्र माह के सावन महीने में सभी को नियमानुसार व्रत एवं अनुष्ठान दान पूजा पाठ करना एवं कराना चाहिए । इसका 10 गुना लाभ भक्तों को प्राप्त होता है । इस वर्ष 2023 में सावन मास का समय 4 जुलाई से 31 अगस्त तक रहेगा इसे हम अधिक मास, मलमास या पुरुषोत्तम मास के रूप में जानते है। जिस माह में एक अमावस्या से दूसरी अमावस्या के बीच सूर्य की संक्रांति नहीं होती है इसे अधिक मास कहते हैं।

Adhik Mas Sawan Somwar Vrat 2023:  खरवास और मलमास में क्या अंतर है:

हिंदू पंचांग के अनुसार कुछ साल ऐसे होते हैं जिसमें अधिक मास लगता है। अधिक मास लगने के कारण पूर्व त्योहारों की तिथियों में भी अंतर हो जाता है। तो वहीं खरवास लगने पर शुभ मांगलिक कार्य नहीं करना चाहिए।

Adhik Mas Sawan Somwar Vrat 2023 अधिक मास में जन्म का महत्वः

ज्योतिष के अनुसार सावन माह में जन्मे बच्चे बेहद भाग्यशाली होते हैं ।शास्त्रों के अनुसार बताया गया है कि अधिक मास में पैदा हुए बच्चे बहुत भाग्यशाली होते हैं । इनके जन्म मात्र से ही माता पिता का भाग्योदय होता है।

Adhik Mas Sawan Somwar Vrat 2023: सावन मास के महीने में चतुर्मास व्रत:

सावन मास के महीने में 4 माह का चतुर्मास व्रत होता है। जो कि इस वर्ष 2023 में अधिक मास होने के कारण 5 माह का चतुर्मास व्रत होगा। चतुर्मास में भगवान विष्णु पूरे 4 माह के लिए योग निद्रा में होते हैं । लेकिन इस साल भगवान विष्णु 5 महीने के लिये क्षीर सागर में शयन करेंगे एवं योग निद्रा में रहेंगे । इस दौरान गृह प्रवेश, मुंडन, विवाह, जनेऊ संस्कार आदि जैसे शुभ मांगलिक कार्य नहीं होता है।

Adhik Mas Sawan Somwar Vrat 2023: इस वर्ष सावन में आठ सोमवार व्रत पड़ेगा

सावन महीने में आमतौर पर चार या पांच सोमवार पड़ते हैं। लेकिन 2023 में 8 सावन सोमवार के व्रत होंगे क्योंकि पंचांग के अनुसार श्रावण कृष्ण पक्ष 4 से 17 जुलाई तक है। इसके बाद 18 जुलाई से अधिकमास आरंभ होगा । जो कि 16 अगस्त तक रहेगा, 17 तारीख से सावन का शुक्ल पक्ष शुरू होगा। 31 अगस्त को पूर्णिमा के दिन सावन समाप्त हो जायेगा।

यहां पर उपलब्ध करायी गयी सभी सूचनाएं सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है, यहां यह बताना जरूरी है कि nayaujalanews.com किसी भी तरह की मान्यता या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।

लेखक एवं मार्गदर्शकः आचार्य श्री गिरजेश्वर चैाबे जी, बनारस

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India Vs West Indies Series 2023 , Yashasvi Jaiswal on scores hundred: यशस्वी जायसवाल अपने First डेब्यू टेस्ट में शतक लगाने के बाद पिता से बात करते हुए भावुक:

India Vs West Indies Series 2023India Vs West Indies Series 2023 , Highly Emotional Yashasvi Jaiswal on scores hundred: यशस्वी जायसवाल अपने First डेब्यू टेस्ट में शतक लगाने के बाद पिता से बात करते हुए भावुक:

21 सााल के यशस्वी जायसवाल (Yashasvi Jaiswal) ने भारत के लिये India Vs West Indies Series 2023 के पहले टेस्ट मैच में डेब्यू किया। अपने डेब्यू मुकाबले में ही यशस्वी ने शतकीय पारी खेलकर सबको खुश कर दिया है। सीरीज के पहले टेस्ट मैच में ही भारतीय टीम ने मैच को तीसरे ही दिन पारी और 141 रनों के बड़े अंतर से अपने नाम कर लिया। India Vs West Indies Series 2023 वेस्टइंडीज के खिलाफ डोमिनिका टेस्ट में बाएं हाथ के बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने 171 रन बनाते हुये रोहित शर्मा के साथ पहले विकेट के लिए 229 रन जोड़े। यशस्वी को इस शानदार प्रर्दशन के लिये प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड मिला। यूपी के भदोही में जन्मे यशस्वी छोटी उम्र में ही मुंबई आ गए थे और यहीं से उनके क्रिकेट करियर की शुरुआत हुई और आज टीम इंडिया का हिस्सा बन चुके हैं। भारत के सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू पर 150 रन बनाने वाले पांचवें सबसे कम उम्र के बल्लेबाज बन गए हैं। 21 साल की उम्र में वह किसी विदेशी टेस्ट मैच में डेब्यू करते हुए शतक बनाने वाले सातवें भारतीय हैं। यशस्वी जायसवाल, मोहम्मद अजहरुद्दीन का रिकॉर्ड तोड़ते हुए टेस्ट डेब्यू पर सबसे अधिक गेंदों का सामना करने वाले भारतीय बल्लेबाज बन गए। अगर ओेपनर की बात की जाय तो यशस्वी विदेश में डेब्यू करते हुए शतक बनाने वाले भारत के पहले ओपनर हैं। India Vs West Indies Series 2023 सीरीज के दो टेस्ट मैचों की सीरीज के पहले मुकाबले में यशस्वी ने 387 गेंदों का सामना करते हुये 16 चौके और एक छक्के की मदत से कुल 171 रनों की दमदार पारी खेली। अन्तर्राष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू से पहले उन्होंने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में धमाकेदार खेल खेलते हुये राजस्थान रॉयल्स के लिए भी दमदार शतकीय पारी खेली थी।

India Vs West Indies Series 2023 शतक के बाद पिता से की बात

India Vs West Indies Series 2023 में वेस्टइंडीज के खिलाफ डेब्यू टेस्ट में शतक बनाने के बाद यशस्वी ने भारतीय समयानुसार सुबह साढ़े चार बजे अपने पिता भूपेंद्र जायसवाल को फोन किया। यशस्वी के पिता ने बताया कि, उसने मुझसे सिर्फ इतना पूछा, “आप खुश हैं ना पापा” उसने अपना शतक बनाने के बाद सुबह लगभग 4:30 बजे फोन किया। वह अपने आंसू नहीं रोक पा रहा था। उसके साथ में मैं भी रोया। ये बेहद भावुक पल था। वह ज्यादा देर तक बात नहीं कर सका, वह थका हुआ था। उसने मुझसे सिर्फ इतना पूछा,  आप खुश हैं ना पापा, आपको बता दें कि यशस्वी के पिता भूपेंद्र जायसवाल भदोही में एक छोटी पेंट की दुकान चलाते हैं।

India Vs West Indies Series 2023 कांवड़ यात्रा पर गए हैं पिता भूपेंद्र जायसवाल

उत्तर प्रदेश में मूल रूप से भदोही जिले के रहने वाले यशस्वी के पिता भूपेंद्र जायसवाल अपने बेटे के दमदार प्रदर्शन से काफी खुश हैं। उन्होने कहा कि यशस्वी की शानदार पारी से हम सभी लोग काफी गौरवान्वित महसूस कर हैं। उन्होने बताया कि हम लोग झारखंड में स्थित बाबा बैजनाथ धाम में भगवान भोलेनाथ को जल चढ़ाने के लिए कांवड़ लेकर जा रहे हैं।

India Vs West Indies Series 2023 यशस्वी विदेशी धरती पर टेस्ट डेब्यू में शतक लगाने वाले पहले भारतीय ओपनर बने

यशस्वी जायसवाल विदेशी धरती पर India Vs West Indies Series 2023 में टेस्ट डेब्यू में भारतीय ओपनर के रूप में शतक लगाने वाले भारत के पहले बल्लेबाज बन गए हैं। 1933 में लाला अमरनाथ भारत के लिए डेब्यू टेस्ट में शतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज बने थे। लेकिन अभी तक किसी भी भारतीय ओपनर ने विदेशी धरती पर डेब्यू करते हुए शतक नहीं लगाया था। यशस्वी ऐसा करने वाले पहले बल्लेबाज बन गए हैं।

बचपन में छोड़ा घर, गोलगप्पे भी बेचे, कांटों भरा रहा है यशस्वी जायसवाल का अभी तक का सफर

यशस्वी जायसवाल का अभी तक का जीवन बहुत ही संघर्षपूर्ण रहा है। ये बात बहुत कम ही लोग जानते हैं कि कठिन संघर्षपूर्ण समय में यशस्वी अपना खर्च चलाने के लिए आजाद मैदान, मुंबई में गोलगप्पे बेचते थे। इस पर एक बार चर्चा करते हुये उन्होने बताया था कि जिन लड़कों के साथ मैं क्रिकेट खेलता था, जो सुबह मेरे खेल की तारीफ करते थे, वही शाम को मेरे पास गोलगप्पे खाने आते थे। ऐसा करने पर बहुत बुरा लगता था लेकिन उन्हें यह करना पड़ा क्योंकि उन्हें जरूरत थी।

वैसे देखा जाये तो 21 साल के तरूण ओपनर बल्लेबाल (Young Opener Batsman) यशस्वी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। लेकिन क्रिकेट से प्यार से उन्हें 11 साल की उम्र में ही मुंबई पहुंचा दिया । मुंबई के लिए ही घरेलू क्रिकेट खेलने वाले यशस्वी जायसवाल (Yashasvi Jaiswal) ने आईपीएल 2023 (IPL 2023) में वानखेड़े स्टेडियम पर राजस्थान रॉयल्स के लिए 53 गेंदों पर ही मुंबई इंडियंस के खिलाफ शतक जड़ दिया था ।

source: aajtak, amar ujala

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MMMUT Student Aaradhya Tripathi got 52 Lacs package from Google: गोरखपुर की आराध्या को Google में मिला 52 लाख का पैकेजः परिवार में खुशी की लहर

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मूल रूप से संतकबीर नगर के मगहर क्षेत्र निवासी गोरखपुर में कार्यरत अधिवक्ता अंजनी नंदन त्रिपाठी की बेटी आराध्या की 10वीं और 12वीं की पढ़ाई सेंट जोसेफ स्कूल गोरखनाथ से हुयी और फिर आराध्या ने अपनी आगे की पढ़ाई के लिये एमएमएमयूटी (MMMUT) गोरखपुर में इंजीनियरिंग विभाग के कम्प्यूटर साइंस ट्रेड को चुना। आराध्या बचपन से ही पढ़ाई में मेधावी रही। बहुराष्ट्रीय प्रतिष्ठित कंपनी Google में 52 लाख रूपये के पैकेज पर प्लेसमेेंट के लिये एमएमएमयूटी (MMMUT) गोरखपुर के शिक्षकों और विभागाध्यक्षों ने आराध्या को बधाई दी है। यह मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) में अबतक का सबसे बड़ा पैकेज है। इससे पहले यह रिकॉर्ड यूनिवर्सिटी के बीटेक आईटी छात्र एकांश सक्सेना के नाम था। आराध्या को गूगल में सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट इंजीनियर के पद पर प्लेसमेंट की खबर मिलते ही यूनिवर्सिटी में खुशी की लहर दौड़ गई।

MMMUT Student Aaradhya Tripathi got 52 Lacs package from Google: मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालयए गोरखपुर की छात्रा आराध्या त्रिपाठी ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। विश्वविद्यालय के कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग विभाग में बीटेक की छात्रा आराध्या त्रिपाठी को प्रतिष्ठित मल्टीनेशनल कंपनी गूगल में 52 लाख रुपये सालाना पैकेज पर प्लेसमेंट मिला है। आराध्या को जो पैकेज मिला हैए वह एमएमएमयूटी के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा पैकेज है। इससे पहले यह रिकॉर्ड यूनिवर्सिटी के बीटेक आईटी छात्र एकांश सक्सेना के नाम था। आराध्या को गूगल में सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट इंजीनियर के पद पर प्लेसमेंट मिला है। आराध्या के प्लेसमेंट की खबर मिलते ही यूनिवर्सिटी में खुशी की लहर दौड़ गईण् विभिन्न शिक्षकों सहित विभागाध्यक्षों ने आराध्या को बधाई दी है। आराध्या गोरखपुर निवासी वकील अंजनी नंदन त्रिपाठी की बेटी हैं। मां दीपिका त्रिपाठी गृहिणी हैं। आराध्या शुरू से ही पढ़ाई में मेधावी रही हैं।

MMMUT Student Aaradhya Tripathi got 52 Lacs package from Google: इंटर्नशिप एकेडमी ने आराध्या को दिया था 32 लाख का आफरः

आराध्या ने 55 हजार रूपये महीने पर स्केलर एकेडमी से अपना इंटर्नशिप पूरा किया। इस इंटर्नशिप के पूरा होने के बाद स्केलर एकेडमी ने भी आराध्या को 32 लाख रूपये सालाना पैकेज देने का आफर दिया था।

2021-22 में भी था 50 लाख का पैकेजः

इससे पहले सत्र 2021-22 में इलेक्ट्रानिक्स एंड कम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग की छात्राओं प्रज्ञा तिवारी और सान्या गोयल को 50-50 लाख रुपये के पैकेज पर माइक्रोसॉफ्ट ने नियुक्ति दी थी। यह पैकेज एमएमएमयूटी गोंरखपुर के इतिहास का अधिकतम पैकेज था। 

Source: Amar Ujala

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ICC Cricket World Cup 2023
ICC Cricket World Cup 2023
ICC Cricket World Cup 2023: Information on Free Ticket Booking & Rates-भारत में आईसीसी क्रिकेट विश्व कप 2023, टिकट की कीमत और आरक्षण प्रक्रियाः
आईसीसी क्रिकेट विश्व कप 2023, आपका ध्यान बार बार अपनी तरफ आकर्षित कर रहा है, और ऐसा हो भी क्यों ना क्योंकि इस बार क्रिकेट विश्वकप के इस टूर्नामेंट की मेजबानी भारत कर रहा है। इससे पहले 2011 में भारत ने विश्व कप की मेजबानी की थी और अपने घरेलू मैदान पर चैंपियनशिप मैच में श्रीलंका को हराकर टूर्नामेंट जीता था।
भारत में, क्रिकेट बेहद लोकप्रिय खेल है, और इस विश्व कप को लेकर लोग काफी उत्साहित हैं। 2023 में, भारत पहली बार समग्र रूप से 50 ओवर के विश्व कप की मेजबानी करेगा।
भारत में आईसीसी क्रिकेट विश्व कप 2023 प्रतियोगिता 5 अक्टूबर को शुरू होगी और 19 नवंबर, 2023 को समाप्त होगी। भारत की शीर्ष क्रिकेट संस्था बीसीसीआई ने पुष्टि की है कि इस विश्व कप के कुल 48 मैच देश भर में 12 अलग-अलग स्थानों पर आयोजित किए जाएंगे।

ICC Cricket World Cup 2023: विश्व कप 2023 की शुरूआत:

आईसीसी पुरुष क्रिकेट विश्व कप 2023 टूर्नामेंट का उद्घाटन मैच 5 अक्टूबर को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जायेगा। इसके साथ ही बीसीसीआई ने यह घोषणा की है कि इस टूर्नामेंट का फाइनल भी अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में ही खेला जाएगा।

ICC Cricket World Cup 2023: विश्व कप 2023 में टिकटों की बिक्री:

भारत के साथ साथ दुनिया भर में क्रिकेट प्रशंसक बहुत ही उत्सुकता से 2023 आईसीसी क्रिकेट विश्व कप के लिए टिकटों की उपलब्धता और इसके मूल्य निर्धारण किये जाने का इंतजार कर रहे हैं।

ICC Cricket World Cup 2023: आईसीसी विश्वकप 2023 में भारत के मैचों का शेड्यूलः

क्रम
संख्या
मैच का नाम
स्थान का नाम
मैच की तारीख
1 भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया चेन्नई 8 अक्टूबर
2 भारत बनाम अफगानिस्तान दिल्ली 11 अक्टूबर
3 भारत बनाम पाकिस्तान अहमदाबाद 15 अक्टूबर
4 भारत बनाम बांग्लादेश पुणे 19 अक्टूबर
5 भारत बनाम न्यूजीलैंड धर्मशाला 22 अक्टूबर
6 भारत बनाम इंग्लैंड लखनऊ 29 अक्टूबर
7 भारत बनाम क्वालीफायर 2 का विजेता मुंबई 2 नवंबर
8 भारत बनाम दक्षिण अफ़्रीका कोलकाता 5 नवंबर
9 भारत बनाम क्वालीफायर 1 का विजेता बैंगलुरू 11 नवंबर

ICC Cricket World Cup 2023: आईसीसी क्रिकेट विश्व कप 2023 के लिये टिकट बुकिंग की जानकारीः

12 साल के अंतराल के बाद, ICC क्रिकेट विश्व कप 2023 में भारत में लौटेगा, और भारतीय प्रशंसकों को यकीन है कि उनकी टीम के पास इस प्रतियोगिता को जीतने की प्रबल संभावना है। इस साल, विश्व कप के ठीक पहले, 2023 वनडे एशिया कप खेला जाएगा। जैसे-जैसे विश्वकप का आयोजन नजदीक आ रहा है, सभी योग्य देशों ने कई एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय (ODI) मैचों में भाग लेकर तैयारी शुरू कर दी है। 2023 क्रिकेट विश्व कप के टिकटों की कीमत जल्द ही सामने आ जाएगी, जिससे दुनिया भर के प्रशंसक आवश्यक आरक्षण करा सकेंगे।

भारत में, अधिकांश टिकट ऑनलाइन बेचे जाते हैं, केवल कुछ प्रतिशत टिकट ही ऑफ़लाइन खरीदारी के लिए उपलब्ध होते हैं। आईसीसी अक्सर विश्व कप जैसी बड़ी क्रिकेट प्रतियोगिताओं के शुरू होने से कुछ महीने पहले टिकटों की बिक्री शुरू कर देता है। टिकटों के आधिकारिक खरीद की घोषणा किये जाने के उपरान्त, हम टिकट प्राप्त करने की प्रक्रिया और उनकी कीमत के बारे में सभी आवश्यक जानकारी आपसे साझा करेंगे।

ICC Cricket World Cup 2023: भारत बनाम पाकिस्तान क्रिकेट विश्व कप 2023 टिकट:

भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट का खेल किसी भी क्रिकेट श्रृंखला में सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण माना जाता है। क्योंकि दोनों देशों के समर्थक इस रोमांचक मुकाबले का बड़ी ही बेसब्री से इंतजार करते हैं। आगामी 2023 आईसीसी क्रिकेट विश्व कप में यह भी अनुमान लगाया जा रहा है कि इस प्रतियोगिता में सबसे अधिक उपस्थिति देखने को मिलेगी।

ऐसी उम्मीद जतायी जा रही है कि ICC Cricket World Cup 2023 में भारत बनाम पाकिस्तान क्रिकेट विश्व कप आयोजन में सबसे पहले इसी मैच के टिकटों की बिक्री फुल होगी। अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के अनुसार, दोनो देशों के प्रशंसक टिकटों की बिक्री की घोषणा का इंतजार कर रहे हैं।

भारत में आयोजित होने वाले इस क्रिकेट विश्व कप के लिए भारत बनाम पाकिस्तान टिकटों की कीमत अभी तक तय नहीं की गई है। टिकटों की भारी मांग को देखते हुए यह संभावना जतायी जा रही है कि है कि निर्धारित दर पर टिकटों की बिक्री बहुत ही कम समय में ही समाप्त हो जायेगी।

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भारत बनाम वेस्टइंडीज 2023 क्रिकेट सीरीज 12 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त 2023 तक चलेगी। इस दौरान दोनो टीमों के बीच 2 टेस्ट, 3 वनडे एवं 5 टी20 मैच होगा। टीम इंडिया वेस्टइंडीज के खिलाफ दो टेस्ट मैचए तीन वनडे और पांच टी20 मैचों की सीरीज खेलने के लिए पूरी तरह तैयार है। आगामी एक महीने तक चलने वाली भारत बनाम वेस्टइंडीज सीरीज 2023, 12 जुलाई से  पहले टेस्ट मैच के साथ शुरू होगी और 13 अगस्त को आखिरी टी20 मैच के साथ समाप्त होगी।

इससे पहले आपको बता दें कि भारत ने आखिरी बार 2022 में वेस्टइंडीज का दौरा किया थाए जिसमें टी20 सीरीज 4-1 से और वनडे सीरीज 3-0 से जीती थी।

वेस्टइंडीज दौरे के लिए भारत की वनडे टीमः

वेस्टइंडीज दौरे के लिए भारत की वनडे टीम में कुल 17 खिलाड़ियों का चयन किया गया है जिसमें कप्तान रोहित शर्मा और उप-कप्तान हार्दिक पंड्या के नेतृत्व वाली कुल 17 सदस्यीय  टीम में संजू सैमसन, रुतुराज गायकवाड़ और मुकेश कुमार को भी वनडे टीम में जगह दी गयी है। सर जडेजा और अक्षर पटेल दो ऑलराउंडर स्पिनर के साथ यजुवेन्द्र चहल और कुलदीप यादव दो फ्रंटलाइन स्पिनरर्स को भी शामिल किया गया है। भारत बनाम वेस्टइंडीज 2023 वनडे क्रिकेट के लिये टीम इंडिया की क्रिकेट टीम इस प्रकार हैः

  1. रोहित शर्मा (कप्तान)
  2. शुभमन गिल
  3. विराट कोहली
  4. ऋतुराज गायकवाड़
  5. सूर्यकुमार यादव
  6. संजू सैमसन
  7. इशान किशन
  8. हार्दिक पंड्या ( उप-कप्तान)
  9. रवींद्र जड़ेजा
  10. अक्षर पटेल
  11. मोहम्मद सिराज
  12. कुलदीप यादव
  13. उमरान मलिक
  14. जयदेव उनादकट
  15. शार्दुल ठाकुर
  16. मुकेश कुमार
  17. युजवेंद्र चहल

भारत बनाम वेस्टइंडीज सीरीज 2023 में 3 वनडे क्रिकेट मैच खेले जाने हैं जिसमें पहले दो वनडे मैच 27 और 29 जुलाई को बारबाडोस के केंसिंग्टन, ओवल मैदान में होंगे और श्रृंखला का आखिर वनडे मैच 1 अगस्त को ब्रायन लारा स्टेडियम, त्रिनिदाद में होगा। वनडे मैच भारतीय समयानुसार शाम 7 बजे शुरू होंगे।

भारत बनाम वेस्टइंडीज 2023 टी20 क्रिकेट के लिये भारतीय क्रिकेट टीमः

भारत बनाम वेस्टइंडीज 2023 टी20 क्रिकेट के लिये 15 सदस्यीय भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान हार्दिक पंड्या और उप-कप्तान सूर्यकुमार यादव हैं। यशस्वी जयसवाल, तिलक वर्मा, संजू सैमसन और तेज गेंदबाज मुकेश कुमार इस नई टीम का हिस्सा हैं जबकि चाौंकाने वाली बात यह है कि रोहित शर्मा, विराट कोहली, रवींद्र जड़ेजा और मोहम्मद सिराज जैसे बड़े नाम टी20 टीम का हिस्सा नहीं हैं। भारत बनाम वेस्टइंडीज 2023 टी20 क्रिकेट के लिये टीम इंडिया की क्रिकेट टीम इस प्रकार हैः

  1. शुभमन गिल
  2. सूर्य कुमार यादव
  3. तिलक वर्मा
  4. यशस्वी जायसवाल
  5. संजू सैमसन
  6. इशान किशन
  7. हार्दिक पांड्या (कप्तान)
  8. अक्षर पटेल
  9. कुलदीप यादव
  10. उमरान मलिक
  11. मुकेश कुमार
  12. युजवेंद्र चहल
  13. रवि बिश्नोई
  14. आवेश खान
  15. अर्शदीप सिंह

पाँच मैचों की टी20 श्रृंखला का पहला मैच त्रिनिदाद में 3 अगस्त को खेला जायेगा। इसके बाद 6 और 8 अगस्त को अगले दो मैचों के लिए दोनो टीमें गुयाना में जाएगी। दोनों टीमें आखिरी दो टी20 मैच खेलने के लिये 12 और 13 अगस्त को फ्लोरिडा, संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए उड़ान भरेंगी और दौरे का समापन करेंगी। भारत बनाम वेस्टइंडीज 2023 टी20 क्रिकेट मैच भारतीय समयानुसार रात 8 बजे शुरू होंगे।

Source: Howzat

 

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India Vs West Indies Test Cricket 2023

India Vs West Indies Test Cricket 2023: भारत बनाम वेस्टइंडीज टेस्ट मैच के लिये वेस्टइंडीज के खिलाड़ियों का ऐलान, इन दिग्गज खिलाड़ियों को मिला मौका (Final Best Team)

टीम इंडिया के WTC फाइनल खेलने के बाद, इसका अगला कार्यक्रम वेस्टइंडीज में क्रिकेट के सभी प्रारूपों का दौरा है। India Vs West Indies Cricket 2023 की सीरीज 12 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त 2023 तक चलेगी। इस दौरान दोनो टीमों के बीच 2 टेस्ट, 3 वनडे एवं 5 टी20 मैच होगा। इससे पहले वेस्टइंडीज में भारत ने आखिरी बार 2019 में टेस्ट क्रिकेट खेला था।

India Vs West Indies Test Cricket 2023 डोमिनिका के विंडसर पार्क में भारत बनाम वेस्टइंडीज 12 जुलाई से शुरू होने वाले टेस्ट मैचों के लिये वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड ने खिलाड़ियों का ऐलान कर दिया है इसमें कुल 13 खिलाड़ियों के साथ दो अतिरिक्त रिजर्व खिलाड़ियों का भी चयन किया गया है। दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला का पहला मैच 12 से 16 जुलाई 2023 तक डोमिनिका के विंडसर पार्क में खेला जायेगा।

India Vs West Indies Test Cricket 2023 टेस्ट क्रिकेट के लिये वेस्टइंडीज क्रिकेट टीमः

India Vs West Indies Test Cricket 2023 ,भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज में कप्तान के रूप में क्रैग ब्रैथवेट एवं उप-कप्तान के रूप में जर्मेन ब्लैकवुड को चुना गया है। वेस्टइंडीज टेस्ट क्रिकेट टीम में इस बार 30 वर्षीय दिग्गज और हरफनमौला खिलाड़ी रहकीम कार्नवाल को भी शामिल किया गया है। जिन्होने अपना आखिरी टेस्ट मैच 2021 में खेला था, इसके साथ ही बायें हाथ के दिग्गज बल्लेबाज किर्क मैकेन्जी को टीम में पहली बार जगह दी गयी है। इस युवा खिलाड़ी ने वेस्टइंडीज के  हाल ही के बांग्लादेश के दौरे पर बहुत ही अच्छा प्रदर्शन किया था। भारत बनाम वेस्टइंडीज 2023 टेस्ट क्रिकेट के लिये वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम इस प्रकार हैः

  1. क्रैग ब्रैथवेट (कप्तान)
  2. जर्मेन ब्लैकवुड (उप कप्तान)
  3. एलिक अथानाज़
  4. टेगेनारिन चंद्रपॉल
  5. रहकीम कॉर्नवाल
  6. जोशुआ दा सिल्वा
  7. शैनन गेब्रियल
  8. जेसन होल्डर
  9. अल्ज़ारी जोसेफ
  10. किर्क मैकेंज़ी
  11. रेमन रीफ़र
  12. केमर रोच
  13. जोमेल वारिकन

India Vs West Indies Test Cricket 2023 रिजर्व खिलाड़ी के रूप मेंः

  1. टेविन इमलाच
  2. अकीम जॉर्डन

India Vs West Indies Test Cricket 2023 , टेस्ट क्रिकेट के लिये भारतीय क्रिकेट टीमः

  1. रोहित शर्मा (कप्तान)
  2. शुभमन गिल
  3. विराट कोहली
  4. अजिंक्य रहाणे
  5. यशस्वी जायसवाल
  6. ऋतुराज गायकवाड़
  7. केएस भरत
  8. ईशान किशन
  9. रविचंद्रन अश्विन
 10. रवींद्र जड़ेजा
 11. अक्षर पटेल
 12. मोहम्मद सिराज
 13. जयदेव उनादकट
 14. शार्दुल ठाकुर
 15. नवदीप सैनी
 16. मुकेश कुमार

India Vs West Indies Test Cricket 2023 , 12 से 16 जुलाई 2023 तक चलने वाले पहले टेस्ट मैच की मेजबानी विंडसर पार्क, डोमिनिका करेगा। इस सीरीज का दूसरा और आखिरी टेस्ट मैच भारत और वेस्टइंडीज के बीच 100वां टेस्ट होगा। जो एक अलग ही रिकार्ड बनायेगा। जबकि दूसरा टेस्ट मैच 20 से 24 जुलाई 2023 के बीच क्वीन्स पार्क, ओवल त्रिनिदाद में खेला जायेगा। दोनो ही टेस्ट मैच भारतीय समय के अनुसार शाम साढ़े सात बजे से शुरू होंगे।

Source: Howzat

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Vande Bharat Express Train: गोरखपुर से लखनऊ वाया बस्ती, अयोध्या होते हुये वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन की टिकट बुकिंग शुरू, जानें ऑनलाइन बुकिंग का तरीका:

Vande Bharat Express Train: गोरखपुर से लखनऊ वाया बस्ती, अयोध्या होते हुये वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन की टिकट बुकिंग शुरू, जानें ऑनलाइन बुकिंग का तरीका:

आज 07 जुलाई 2023 से दो दिवसीय दौरे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तर प्रदेश पहुँच रहे हैं। यहाँ गोरखपुर में वो गीता प्रेस के शताब्दी समारोह में हिस्सा लेंगे।
प्रधानमंत्री आज दिखायेंगे हरी झण्डीः
देश की हाई स्पीड ट्रेन वन्दे भारत को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज हरी झण्डी दिखाकर गोरखपुर रेलवे स्टेशन से रवाना करेंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री के द्वारा गोरखपुर रेलवे स्टेशन का निरीक्षण भी किया जायेगा। गोरखपुर से लखनऊ वाया बस्ती, अयोध्या होते हुये वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन की टिकट बुकिंग शुरू हो चुकी है। यह ट्रेन 09 जुलाई 2023 से नियमित रूप से गोरखपुर एवं लखनऊ के बीच चलना प्रारंभ करेगी। शनिवार को छोड़कर, सप्ताह के 6 दिन चलने वाली स वन्दे भारत ट्रेन के टिकटों की बुकिंग आप आनलाइन माध्यम से आइआरसीटीसी (IRCTC) की वेबसाइट से अथवा रेलवे स्टेशन के काउन्टर पर जाकर करा सकते हैं
हाइस्पीड ट्रेन वन्देभारत का टाइम टेबल एवं कितना लगेगा समयः

गोरखपुर से लखनऊ के बीच हाइस्पीड ट्रेन वन्देभारत को 302 किमी का सफर तय करने में 4 घंटे 15 मिनट का समय लगेगा। इसमें आप खाने के साथ अपने टिकट की बुकिंग कर सकते हैं जिसका अतिरिक्त शुल्क आपके टिकट में ही जोड़कर आपसे ले लिया जायेगा। अन्यथा आप बिना फूड बुकिंग के भी टिकट बुक कर सकते हैं। इस रूट पर चलने वाली अन्य ट्रेनों के मुकाबले इस ट्रेन का किराया कुछ ज्यादा जरूर है, लेकिन अगर आप इस ट्रेन से सफर करते हैं तो आपको एक अलग ही लग्जरीनेस का अहसास होगा। यह ट्रेन गोरखपुर से सुबह 06ः05 बजे से चलकर बस्ती एवं अयोध्या स्टेशन पर रूकते हुये उसी दिन सुबह 10ः20 पर लखनऊ पहुँच जायेगी और फिर शाम को लखनऊ से 07ः15 बजे पर चलकर मात्र 04 घंटे 10 मिनट में रात्रि 11ः25 बजे गोरखपुर पहुँचेगी।

Source: Abp news

Food Precaution in Rainy Season: बारिश के मौसम में खाने की इन 5 चीजों का सेवन कभी ना करें

Food Precaution in Rainy Season:

Food Precaution in Rainy Season: बारिश के मौसम में खाने की इन 5 चीजों का सेवन कभी ना करें

मानसून के आते ही मौसम (Whether) बहुत सुहाना हो जाता है, इस समय पूरे भारत में मानसून ने दस्तक दे दी है। इस समय लोगों को गर्मी से छुटकारा तो मिल जाता है पर यह मानसून अपने साथ अनगिनत बीमारियाँ भी लेकर आता है। जिसमे वायरल इन्फेक्शन जैसी बीमारियाँ बहुत तेजी से फैलती हैं। इस समय अपने खान-पान का अच्छे से ध्यान रखना बेहद जरूरी हो जाता है। मानसून में खान-पान में किन-किन चीजों का परहेज करना चाहिये। आइये इसके बारे में विस्तार से चर्चा करते हैं।

Food Precaution in Rainy Season: स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार मानसून में खाने पीने का विशेष ध्यान रखने के साथ-साथ अपने घर को अच्छे से साफ रखना काफी अच्छा रहता है। इस मौसम में सेहत के प्रति किसी भी लापरवाही से संक्रमण का खतरा बना रहता है। हालांकि बारिश के मौसम में समोसा, पकौड़ी जैसी चीजों को ज्यादा खाने का मन करता है। लेकिन ज्यादा तैलीय चीजें खाना इस मौसम में बीमारियों को बुलावा देने के जैसा है। अगर हो सके तो इन चीजों को घर में ही साफ-सफाई के साथ बना के खायें, इससे किसी भी प्रकार की बीमारी का खतरा बहुत हद तक कम हो जाता है।

Food Precaution in Rainy Season: बारिश के मौसम में बीमारियों से बचने के लिए क्याक्या नहीं खाना चाहिए:

1.  हरी सब्जियों का सेवन न के बराबर करें।
बरसात के मौसम में किसी भी प्रकार के फंगस एवं बैक्टीरिया के फैलने का खतरा काफी बढ़ जाता है इसलिये इस मौसम में हरी पत्ते वाली सब्जियाँ जैसे पालक, मेथी, साग, पत्तागोभी आदि को खाने से परहेज करना चाहिये। इससे पेट में संक्रमण का खतरा बना रहता है क्योकि पत्तेदार सब्जियों में छोटे कीड़े मकोड़ों के पनपने की दर बरसात के मौसम में काफी हद तक बढ़ जाती है। करेले और टिण्डे की सब्जी बारिश के मौसम में गुणकारी होती है।

2.  मसालेदार एवं तला भुना खानाः

तली हुयी और मसालेदार चीजों का सेवन करना वैसे भी किसी मौसम में बेहद हानिकारक होता है। ऐसी चीजों के दुष्परिणाम दूरगामी होते है। इसलिये हमको इन चीजों के खाने में ज्यादा संकोच नहीं होता। परन्तु आपको बता दें कि बरसात के मौसम में ज्यादा मसालेदार और तला भुना खाना खाने से आपके पेट की पाचन क्रिया पर पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है
3.  दही का सेवनः
चूंकि दूध में लैक्टोबैसिलस बैक्टीरिया के पनपने से ही दही बनता है, ये बैक्टीरिया सेहत के हिसाब से बरसात के मौसम में सही नहीं माने जाते हैं। इसलिये इस मौसम में पैकेज्ड डेयरी उत्पाद के सेवन से बचना चाहिये।
4.  मांसाहारी भोजन के सेवन से बचेंः
बारिश के मौसम में ज्यादा चर्बी वाले भोजन को पचाने में बहुत मुश्किल होती है क्योंकि इस मौसम में हमारे शरीर की पाचन क्रिया धीमी हो जाती है। इसलिये इस मौसम में मांसाहार करने से परहेज करना चाहिये।
5.  सलाद का सेवनः
बारिश के मौसम में काटकर रखी गयी फल और सब्जियों का सेवन नहीं करना चाहिये क्योंकि इस मौसम में चलने वाली हवा में नमी होने के कारण फंगस और बैक्टीरिया के लगने का खतरा बढ़ जाता है। अगर आपको सलाद का सेवन करना है तो आप तुरन्त ही काटकर सलाद खा सकते है लेकिन बाद में इसके सेवन से परहेज करना चाहिये।

Food Precaution in Rainy Season: आइये जानते है कि बारिश में मौसम में किन-किन चीजों का सेवन करना सही माना गया है:

जून के माह में तेज गर्मी के बाद जुलाई में मौसम में अचानक से बदलाव के कारण सर्दी, बुखार, दस्त, खांसी जैसी बीमारियों का खतरा काफी बढ़ जाता है। ऐसे में बारिश के मौसम में क्या खाना चाहिये क्या नहीं इसका ख्याल रखना बेहद जरूरी हो जाता है। इसी क्रम मेें आइये जानते हैं कि बारिश में किन चीजों का सेवन गुणकारी होता है।
1.  गर्म/गुनगुने पानी का सेवनः
गर्म पानी का सेवन बारिश के मौसम में बहुत अधिक फायदेमंद हो सकता है। बारिश के मौसम में गले में खराश होना, नाक का बन्द होना और नाक का बहना आम बात होती है। ऐसे में गर्म पानी पीने से इस तरह की परेशानियों से निजात पायी जा सकती है। दिन में कम से कम दो बार सुबह और शाम में गुनगुने पानी का सेवन करना लाभदायक होता है।
2.  खट्टे फलों का सेवनः
आंवला, संतरा और मोसम्मी जैसे खट्टे फलों का सेवन करना या इनका ताजा जूस पीना बारिश के मौसम में लाभकारी हो सकता है। इन फलों में विटामिन सी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है जो आपके लीवर को स्वस्थ रखने में बहुत ही मददगार होता है इससे आपकी पाचन क्रिया भी सही बनी रहती है।

3.  सूखे मेवे का सेवनः

रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में सूखे मेवे अहम भूमिका निभाते हैं, चूँकि सूखे मेवे को खाने के परिणाम तुरंत नहीं दिखते हैं परन्तु इसके दूरगामी परिणाम बहुत ही अच्छे होते हैं। ड्राइ फ्रूट्स विटामिन, प्रोटीन एवं फाइबर से भरपूर होते है इसलिये बारिश के मौसम में इनको खाना बहुत ही लाभप्रद हो सकता है। इनके सेवन से रोग प्रतिरोधक क्षमता बनी रहती है और बीमारियों से भी बचाव हो सकता है।

4.  हर्बल चाय का सेवनः

हर्बल चाय में जीवाणुरोधी गुण मौजूद होने के कारण बारिश के महीने में होने वाले संक्रमण से बचाव करने में बहुत ही उपयोगी सिद्व हो सकता है। बरसात में कोशिश करें कि सामान्य चाय की जगह हर्बल टी का ही उपयोग करें।

बारिश के मौसम में जलभराव होने के कारण मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों की संख्या बढ़ जाती है। और इस मौसम में आपके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कम हो जाती है। ऐसे में जरा सा भी वायरल की चपेट में आने पर बिना बारिश में भीगे ही आप बीमार पड़ सकते हैं। इसलिये ऊपर दी गयी जानकारियों का प्रयोग वातावरण के अनुकूल एवं अपनी सुविधा के अनुसार कर सकते है।

डिस्क्लेमरः  उपरोक्त लेख एक जानकारी मात्र है इसका इस्तेमाल किसी भी प्रकार के दवा या इलाज के विकल्प के रूप में नहीें किया जा सकता है। किसी भी समस्या के लिये हमेशा अपने डाक्टर से सलाह जरूर लें।

 

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सावन का महीना आज 4 जुलाई से शुरू:

सावन का महीना शिव जी का प्रिय माह है इसलिए सावन में शिव जी को प्रसन्न कर उनका आशीर्वाद पाने के लिए कई उपायों के बारे में बताया जाता है, हर हर महादेव और बम बम भोले की गूंज से मंदिर और शिवालयों का वातावरण शिवमय हो गया है अगले 2 महीने तक भक्त महादेव की पूजा-अर्चना करेंगे । शिव मंदिरों में भोले बाबा के नाम का जय घोष गूंजने लगा है इस बार सावन का महीना 4 जुलाई से लेकर 31 अगस्त तक रहेगा।

अधिक मास का संयोग:

सावन के महीने के साथ  ही 2023 में अधिक मास का संयोग बन रहा है इसलिए सावन के महीने में 1 महीने और अधिक मास रहेगा, 19 साल के बाद ऐसा संयोग दोबारा बन रहा है। हालांकि यह अधिक मास पहले बहुत अशुभ माना जाता था तथा इस मास में कोई भी शुभ कार्य ना करने की सलाह दी जाती थी परन्तु बाद में ऐसा माना जाता है कि भगवान विष्णु ने इस महीने को अपना नाम दे दिया तभी से इस मास का महत्व बहुत ही बढ़ गया और इस मास को पुरुषोत्तम मास के नाम से जाना जाने लगा। अधिक मास में धर्म-कर्म के कार्यों को करने से उसका सर्वोत्तम परिणाम मिलता है। इसलिये ऐसा माना जाता है कि अधिक मास वाले सावन में भगवान शिव की पूजा अर्चना करने के साथ-साथ भगवान विष्णु की आराधना करना अत्यधिक गुणकारी होता है।  2023 में सावन में पड़ने वाले अधिक मास का समय 18 जुलाई से शुरू होकर 16 अगस्त तक चलेगा।

इस बार व्रत रखने वाले सोमवार की संख्या बढ़ी:

मंगलवार 4 जुलाई  2023 से सावन मास की शुरूवात हो चुकी है इस वर्ष सावन मास में अधिक मास के जुड़ जाने के साथ ही सावन के कुल सोमवार की संख्या 8 हो गयी है जो कि सामान्य सावन के मुकाबले लगभग दोगुनी है इसी के साथ आपको यह भी बताते चलें कि इस साल सावन के 8 सोमवार के साथ पडने वाले 9 मंगलवार को मंगल गौरी व्रत भी रखा जायेगा जो कि अत्यंत ही गुणकारी सिद्व होता है सावन मास में इस व्रत को रखने से मां पार्वती, मंगला गौरी के रूप में अपने भक्तों पर कृपा बरसाती है।

सावन मास में भगवान शिव की पूजन विधिः

शास्त्रों के अनुसार भगवान शिव को समर्पित सावन के महीने में ही समुद्र मंथन हुआ था और उस समुद्र मंथन से जो हलाहल विष निकला था, उसका पान भगवान शिव ने किया था इसलिये उस विष को शान्त करने के लिये भक्त इस महीने मे भगवान शिव को जल अर्पित करते हैं। केवल सावन मास में भगवान शिव की पूजा करके पूरे साल की पूजा के बराबर फल पाया जा सकता है। सावन मास में हर सोमवार को व्रत रखना बहुत ही उत्तम माना गया है। हर दिन सुबह शिवलिंग पर जल और बेलपत्र के साथ दूध अर्पित करने के साथ शिव मंत्र का जाप करना सावन महीने में बहुत ही फलदायी माना गया है। इस माह में रूद्रा़क्ष धारण करना बहुत ही उत्तम होता है।

सावन मास में पूजा के लिए शुभ समय:

सावन मास में पूजा के लिए शुभ समय ब्रह्म मुहूर्त में सुबह 3:56 बजे से सुबह 4ः50 बजे, अभिजीत मुहूर्त में सुबह 11ः57 बजे से दोपहर 12ः52 बजे तक एवं अमृत काल में दोपहर 11ः59 बजे से रात 1ः30 बजे तक का समय उत्तम माना गया है।

सावन मास में दान करने का महत्व:

शास्त्रों की मान्यताओं के अनुसार सावन में काला तिल, नमक, चावल  एवं चांदी की वस्तुओं को सोमवार के दिन पूरे विधि-विधान से दान करने पर शिव की पूजा और व्रत करने के समान फल प्राप्त होता है  ऐसा माना जाता है कि सावन में सोमवार के दिन शिवलिंग पर गंगाजल, बेलपत्र, धतूरा, भांग, कपूर, दूध, चावल, चंदन एवं रूद्राक्ष आदि चढ़ाने से बहुत ही लाभ प्राप्त होता है। परन्तु शिवलिग पर  कभी भी हल्दी, कुमकुम, तुलसीदल, लाल रंग का फूल एवं शंख से जल नहीं अर्पित करना चाहिए।

सावन मास में ये काम कभी ना करें:

सावन मास में जल की बर्बादी कभी ना करें एवं पत्तेदार चीजों का सेवन एवं तामसिक भोजन जैसे लहसुन, प्याज आदि का सेवन कदापि ना करें।

सावन मास में पंचक का रखें पूरा ध्यानः

किसी भी शुभ काम जैसे हवन, यज्ञ, विशेष पूजा पाठ और मांगलिक कार्य करने से पूर्व पंचक पर जरूर विचार करना चाहिए। जुलाई मास में पंचक सावन के सोमवार पर भी रहेगा । शुभ कार्य को करने हेतु पंचक के 5 दिन वर्जित माने जाते है, पंचक हर महीने में पड़ता है। इस साल जुलाई के महीने में पंचक 6 जुलाई 2023 वृहस्पतिवार को 01ः40 बजे दोपहर से शुरू होकर 10 जुलाई 2023 तक रहेगा। इस वर्ष जुलाई माह के पहले सोमवार और कालाष्टमी व्रत पर पंचक का साया रहेगा। हिन्दू धर्म के अनुसार पंचक में शुभ कार्य नहीं किये जाते हैं परन्तु इस दौरान शिव पूजा में पंचक का कोई असर होता, अतः आप बिना किसी डर के सावन में पूजन एवं व्रत त्यौहार कर सकते हैं।

घर में सुख समृद्वि का आगमनः

सावन का पवित्र महीना मंगलवार 4 जुलाई 2023 से शुरू हो रहा है। भगवान शिव के इस प्रिय माह में वास्तु के अनुसार घर पर कुछ शुभ पौधों को भी लगाकर महादेव को प्रसन्न करके दोगुना फल प्राप्त कर सकते हैं एवं इस से आपका भाग्य भी बदल सकता है। इन पौधों में तुलसी एवं बेल के पौधे को लगाना सर्वोत्तम माना गया है। इन पौधों में कोई वास्तु दोष नहीं होता है। वैसे तो भगवान शिव की पूजा में तुलसी चढ़ाना वर्जित माना जाता है। परन्तु सावन के इस पवित्र माह में तुलसी का पौधा लगाना और उस पर प्रतिदिन जल चढाने से सुख समृद्वि आती हैै। सावन में चांदी की वस्तुओं का दान पूर्ण विधि विधान से करने पर संतान प्राप्ति का सुख प्राप्त होता है।

सावन के महीने में शिव की पूजा से विशेष फल की प्राप्ति होती है। इस माह में अगर आप शमी के पेड़ की जड़ भोलेनाथ पर चढाते है और इसके बाद उस जड़ को अपनी तिजोरी में रखते है, तो ऐसा माना जाता है कि आपकी जिन्दगी में चल रहा संकट खत्म हो सकता है। यह एक मान्यता मात्र है।

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Source: aajtak.in , abpnews.in

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