Kids Mobile Phone and TV Addiction: बच्चों की मोबाइल की लत कितनी खतरनाक, मोबाइल और टीवी देखने की लत कैेसे छुड़ायें।

Kids Mobile Phone and TV Addiction

Kids Mobile Phone and TV Addiction: बच्चों की मोबाइल की लत कितनी खतरनाक, मोबाइल और टीवी देखने की लत कैेसे छुड़ायें।

दोस्तों ये पोस्ट एक ऐसी समस्या के बारे में है जिसे शायद आगे चलकर एक विश्वव्यापी समस्या के रूप में देखा जायेगा। ये है आपके बच्चों के मोबाइल फोन और टीवी देखने की आदत। आपकी जानकारी के लिये बता दें कि बच्चों के उपर किये गये कई अध्ययनों में यह खुलासा हुआ है कि अगर बच्चे मोबाइल फोन का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं तो आगे चलकर उनके आँखों की रोशनी पर बहुत ही बुरा प्रभाव पड़ता है और छोटी सी उम्र में ही उनको चश्मा लगाना पड़ सकता है। साथ ही छोटे बच्चों में मोबाइल फोन की आदतों से उनके स्वभाव में चिड़चिड़ापन बहुत हद तक बढ़ जाता है क्योंकि वो उसी मोबाइल को अपनी दुनिया समझने लगते हैं। ऐसे में अगर आप उनसे कुछ भी बोलते हो तो वो उस बात का उत्तर बहुत चिड़चिड़ेपन के साथ देते हैं। अगर आप के बच्चे के साथ भी ऐसा ही कुछ हो रहा हो तो अभी भी समय है, सावधान हो जाइये और अपने बच्चों से मोबाइल और टीवी को दूर करने का उपाय खोज लीजिये, लेकिन जबरदस्ती बिल्कुल भी ना करें। जो भी तरीका अपनायें उसको बहुत ही प्यार और दुलार से आगे बढ़ाने की कोशिश करें। डब्ल्यू एच ओ (WHO) की एक रिपोर्ट के मुताबिक बच्चों के मोबाइल देखने का समय 24 घंटे में सिर्फ 2 घंटे का होना चाहिये ओर वो भी थोड़े अंतराल पर ।

दोस्तों सबसे पहले तो आप ये जानने की कोशिश करें कि आपका बच्चा मोबाइल फोन और टीवी का आदी है भी या नहीं। क्योंकि ज्यादातर बच्चों में मोबाइल का व्यसन नहीं होता है। इसके लिये आपको बस कुछ साधारण से स्टेप को फालो करना होता है। आइये आपको इसके बारे में बताते है।

Kids Mobile Phone and TV Addiction: बच्चे की लत का पता कैसे लगायें

आपका बच्चा मोबाइल फोन या टीवी का व्यसनी है या नहीं, इसको पता करने के लिये सबसे पहले आप अपने बच्चे को उसकी मांग के अनुसार मोबाइल या टीवी देखने की अनुमति दे दें, और फिर थोड़े समय के बाद उसको पार्क में ले जाकर घुमाने की बात बोल कर देखें। अगर आपका बच्चा पार्क में खेलने को मना करता है। तो उसको बोलें कि चलो मै आपके दोस्तों से मिलवाता हूँ और अगर इस पर भी आपका बच्चा मना करता है तो आप उसे घर में ही कुछ खेलने को बोलते हुये खुद खेलने के लिये बैठ जाइये। अगर इन सब गतिविधियों को करने के बावजूद भी आपका बच्चा मोबाइल फोन या टीवी को देखना नहीं छोड़ रहा है, तो आप समझ जाइये कि आपका बच्चा इसकी लत का शिकार हो चुका है या फिर बहुत जल्दी ही इसकी बुरी लत उसको लगने वाली है। अब यहाँ पर माता-पिता को चिन्ता करने की जरूरत है।

ज्यादातर बच्चे मोबाइल या टीवी इसलिये देखते हैं कि उनके पास करने के लिये कुछ भी नहीं है और ऐसे में अगर आप उनको कोई दूसरा आप्शन जैसे पार्क में खेलना या दोस्तों से मिलना आदि बोलते हैं। इस पर वो झट से मोबाइल फोन या टीवी को छोड़कर तैयार हो जाते हैं। ऐसे बच्चों को आप व्यसनी नहीं बोल सकते हैं। अब आइये जानते हैं कि अगर आपका बच्चा मोबाइल फोन की लत का शिकार हो चुका है तो आपको क्या करना चाहिये।

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Kids Mobile Phone and TV Addiction: आउटडोर गेम्स और शारीरिक गतिविधियों  के लिये प्रेरित करें।

बच्चों को आउटडोर गेम्स और शारीरिक गतिविधियों के लिये हर दिन प्रोत्साहित करें। उनको मोबाइल में अलग-अलग खेलों के वीडियो को दिखायें और फिर थोड़े समय के बाद उनसे भी वही खेल खेलने को कहें। क्योंकि इस समय बच्चा मोबाइल को ही अपना सबकुछ मानता है, तो उसमें की जाने वाली गतिविधियों को करने के लिये वह बहुत जल्दी ही तैयार हो जायेगा और फिर आप उसके शारीरिक गतिविधियों की समय सीमा धीरे-धीरे बढ़ाते रहें इससे बच्चा थक जायेगा और एक अच्छी नींद भी ले पायेगा और लगातार ऐसा करने रहने से आप देखेंगे कि आपके बच्चे की मोबाइल और टीवी की लत बहुत ही आसानी से छूट जायेगी और बच्चों के साथ खलने से आपकी सेहत भी अच्छी बनी रहेगी।

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Kids Mobile Phone and TV Addiction: समय समय पर बच्चों को ज्यादा फोन के इस्तेमाल से होने वाली परेशानियों के बारे में बतायेंः

दोस्तों अपने बच्चों को समय समय पर ज्यादा फोन के इस्तेमाल से होने वाली परेशानियों के बारे में जरूर बतायें। आपको लगता होगा कि ये सब बच्चों को नहीं समझ में आयेगा। लेकिन ऐसा नहीं है। अगर आप बच्चों को उनके तरीके से समझाने की कोशिश करेंगे तो वो जरूर समझेंगे।

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Kids Mobile Phone and TV Addiction: बच्चों को बिल्कुल भी फोन ना देना भी गलतः

कुछ माता-पिता अपने बच्चों को बिल्कुल भी फोन नहीं देते हैं और वो अक्सर इस बात पर अपने आप को गौरवान्वित महसूस करते हैं जो कि बहुत ही गलत है। आपके ऐसा करने से आज के इस डिजिटल युग में आपका बच्चा हीन भावना का शिकार हो सकता है। बच्चे जब अपने दोस्तों को फोन के साथ देखते हैं तो उनके मन में भी इस बात की जिज्ञासा होगी कि उनको भी मोबाइल फोन मिलना चाहिये ऐसे में अगर आप घर में बिल्कुल भी फोन नहीं देंगे तो बच्चे घर के बाहर किसी दूसरे के फोन को देखने की कोशिश करेंगे। जो कि बिल्कुल भी अच्छी आदत नहीं है। ऐसे में कोई भी बच्चों की इस आदत का गलत फायदा उठा सकता है।

कई बार देखा जाता है कि बच्चे अगर खाना नहीं खाते हैं तो उनको मोबाइल दिखने का झांसा देकर खाना खिलाया जाता है। इससे बच्चे खाना तो खा लेते हैं लेकिन उसके बाद वो घंटों बैठकर मोबाइल या टीवी देखते हैं, जो कि बहुत गलत आदत है। ऐसे में आप पहले ही बच्चों से ये प्रामिस करवा लें कि जैसे ही उनका खाना खत्म हो जायेगा, उनको मोबाइल या टीवी देखना बंद करना होगा। ऐसे बच्चे बड़ी ही आसानी से मान जायेंगे, और उनका पेट भी भर जायेगा। लेकिन ऐसा करते वक्त आपको यह ध्यान रखना पडे़गा कि बच्चे को उचित मात्रा में ही खाना खिलाया जाये जो कि उसके सेहत के हिसाब से सही हो। इसके लिये आप समय-समय पर बच्चे का वजन भी चेक कर सकते हैं।

Kids Mobile Phone and TV Addiction: बच्चों के उबने पर क्या करें:

अगर बच्चा आप से कहता है कि वो बहुत ज्यादा उब रहा है या बोर हो रहा है, तो ऐसे में आप खुद बच्चे से पूछें कि वो क्या करना चाहता है या फिर आप उसको कुछ आप्शन दे सकते हैं जैसे कि पेंटिंग करना, कोई सैंड आर्ट बनाना, या फिर इसी तरीके से और भी कुछ। जिससे कि बच्चे की दिमागी क्षमता भी मजबूत होगी।

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